देश की खबरें | हरियाणा सरकार पंचायत सदस्यों को वापस बुलाने का अधिकार संबंधी विधेयक पेश करेगी: चौटाला
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चंडीगढ़, 25 अगस्त हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मंगलवार को कहा कि पंचायत निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों पर विश्वास हट जाने के बाद लोगों को उन्हें वापस बुलाने का अधिकार प्रदान करने के लिए विधानसभा के मानसून सत्र में विधेयक पेश किया जाएगा।

राज्य विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार को शुरू होने जा रहा है।

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चौटाला ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी सरकार प्रयास करेगी कि पारित होने से पहले इस विधेयक पर सदन में चर्चा हो।

राज्य के पंचायती राज मंत्री ने कहा कि पूर्व उपप्रधानमंत्री देवीलाल ने सपना देखा था कि पंचायती राज प्रणाली में यदि निर्वाचित प्रतिनिधि लोगों का विश्वास गंवा बैठते हैं और न्यूनतम उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते हैं तो (लोगों के पास) उन्हें ‘वापस बुलाने का अधिकार’ होना चाहिए।

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भाजपा सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में पंचायत चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के अर्हता मापदंड तय किये थे।

चौटला ने कहा कि ‘वापस बुलाने का अधिकार’ प्रावधान को आगामी पंचायत चुनाव के बाद लागू किया जाएगा जो शीघ्र ही होने वाले हैं।

चौटाला की जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) सत्तारूढ़ गठबंधन में भाजपा की सहयोगी है।

जेजेपी नेता ने कहा कि सरकार निजी क्षेत्र की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को 75 फीसद आरक्षण देने के लिए विधेयक पेश करेगी।

जब उनसे कहा गया कि इस पर प्रस्तावित अध्यादेश को तो राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मंजूरी नहीं मिली, तो उन्होंने कहा, ‘‘ हमने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि हम अध्यादेश वापस ले रहे हैं और उसके स्थान पर विधेयक लायेंगे।’’

चौटाला ने कहा कि पंचायत निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाला विधेयक भी विधानसभा में पेश किया जाएगा।

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