चंडीगढ़, 28 सितंबर हरियाणा के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कृषि संबंधी नए कानूनों के खिलाफ पार्टी के राज्य मुख्यालय के बाहर सोमवार को विरोध-प्रदर्शन किया।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि ये कानून 'आत्मनिर्भर' किसान को 'आश्रित' बना देंगे और उन्हें बड़े कॉरपोरेट घरानों की दया पर छोड़ देंगे।
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र एवं राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां लेकर विरोध किया, जिन पर लिखा था, '' अन्नदाता की सुनो पुकार, बंद करो अत्याचार।''
कांग्रेस की चंडीगढ़ इकाई ने भी ‘‘कठोर कृषि विधेयकों’’ के खिलाफ ट्रैक्टर रैली निकाली जिसका नेतृत्व इसके अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने किया।
साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित ''काले कानून'' को वापस लेने की मांग की और इसे ''किसान विरोधी'' करार दिया।
हरियाणा कांग्रेस की प्रमुख कुमारी शैलजा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा, पार्टी के राज्य मामलों के प्रभारी विवेक बंसल के अलावा किरण चौधरी और कैप्टन अजय सिंह यादव सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने कृषि कानूनों से संबंधित मुद्दों पर एक ज्ञापन राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को सौंपा, जिसे राष्ट्रपति को संबोधित किया गया था।
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