लुधियाना, नौ नवंबर कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने पंजाब में किसानों द्वारा रेलवे ट्रैक खाली कर देने के बावजूद मालगाड़ियों का परिचालन शुरू नहीं करने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यह राज्य के साथ 'अन्याय' है ।
रेलवे ने शनिवार को पंजाब में मालगाड़ियों के संचालन से इंकार करते हुए कहा था कि वह मालगाड़ी और यात्री गाड़ी दोनों का परिचालन करेगा या किसी का भी नहीं करेगा।
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पार्टी कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से बातचीत करते हुये रावत ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अपील पर किसानों ने रेल पटरियों से ''धरना'' खत्म कर दिया है ।
उन्होंने कहा, ''इसके बावजूद केंद्र सरकार ने पंजाब में मालगाड़ियों का परिचालन शुरू नहीं किया है ।''
रावत ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार एवं कांग्रेस ''कृषक विरोधी'' कानूनों का विरोध करने वाले किसानों के साथ है।
पंजाब के कांग्रेस प्रभारी ने यह भी कहा कि सरकार को किसानों की आवाज सुननी चाहिये ।
हाल ही में अस्तित्व में आए तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब में किसानों के रेल रोको आंदोलन शुरू करने के बाद से प्रदेश में 24 सितंबर से रेल गाड़ियों का परिचालन बंद है ।
किसानों ने 21 अक्टूबर को कहा था कि वह अपने इस बंद से मालगाड़ियों को बाहर रखेंगे, इसके बाद कुछ समय के लिये मालगाड़ियों का परिचालन शुरू किया गया था । हालांकि, रेलवे ने यह कहते हुये इनका परिचालन दोबारा निलंबित कर दिया था कि किसानों ने अब भी रेल पटरियों को खाली नहीं किया है ।
गौरतलब है कि मालगाड़ियों के परिचालन के निलंबन का सबसे अधिक प्रभाव थर्मल संयंत्रों पर पड़ा है, इनकी कोयले की आपूर्ति प्रभावति हुई है ।
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