Petrol Price Today, March 21, 2026: दिल्ली-मुंबई में पेट्रोल के दाम स्थिर, लेकिन प्रीमियम फ्यूल की कीमतों में लगी आग; जानें अपने शहर के लेटेस्ट रेट्स
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Photo)

Petrol Price Today, March 21, 2026: वैश्विक कच्चे तेल के बाजार (Global Crude Oil Markets) में जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय उपभोक्ताओं के लिए शनिवार, 21 मार्च को मिला-जुला दिन रहा. सरकारी तेल विपणन कंपनियों (Government-Owned Oil Marketing companies) (OMCs) ने सामान्य पेट्रोल की कीमतों (Petrol Prices) में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे आम जनता को राहत मिली है. हालांकि, प्रीमियम सेगमेंट के ग्राहकों के लिए खबर चिंताजनक है, क्योंकि हाई-ऑक्टेन पेट्रोल की कीमतों में देश भर में 2 से 2.3 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा देखा गया है. आज, 21 मार्च को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, कोलकाता, जयपुर, लखनऊ और नोएडा जैसे प्रमुख शहरों में पेट्रोल की ताजा दरें देखें. यह भी पढ़ें: Petrol Price Today, March 20, 2026: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद भारत में पेट्रोल के दाम स्थिर; जानें दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों के लेटेस्ट रेट्स

प्रमुख शहरों में सामान्य पेट्रोल के भाव (प्रति लीटर)

राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये पर टिका हुआ है, जबकि आर्थिक राजधानी मुंबई में इसकी कीमत 103.54 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है. देश के अन्य बड़े शहरों की ताजा रेट लिस्ट इस प्रकार है:

शहर पेट्रोल की कीमत (रुपये/लीटर)
दिल्ली ₹ 94.77
मुंबई ₹ 103.54
चेन्नई ₹ 100.80
कोलकाता ₹ 105.45
बेंगलुरु ₹ 102.99
हैदराबाद ₹ 107.46
अहमदाबाद ₹ 94.68
नोएडा/गुरुग्राम ₹ 94.90 / ₹ 95.51

प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में भारी उछाल

आज सुबह से लागू हुई नई दरों के अनुसार, हाई-ऑक्टेन फ्यूल जैसे कि इंडियन ऑयल का XP95 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का Power पेट्रोल महंगा हो गया है. डीलर इनपुट्स के मुताबिक, चुनिंदा शहरों में इनकी कीमतों में 2.3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब प्रीमियम ईंधन की मांग बाजार में बढ़ रही है.

वैश्विक बाजार और रुपये का प्रभाव

ईंधन की कीमतों में यह स्थिरता ऐसे समय में देखी जा रही है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण 'ब्रेंट क्रूड' की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है. भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती या कमजोरी सीधे तौर पर पेट्रोल-डीजल की लागत को प्रभावित करती है. फिलहाल, भारतीय रुपये की स्थिरता ने तेल कंपनियों को सामान्य पेट्रोल की कीमतों को स्थिर रखने में मदद की है.

तेल कंपनियों की रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा प्रीमियम उत्पादों के जरिए वसूलने की कोशिश कर रही हैं. जहां सामान्य पेट्रोल की कीमतें स्थिर रखकर आम जनता को महंगाई से बचाने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं प्रीमियम ईंधन पर बढ़ी हुई दरें कंपनियों के मुनाफे को संतुलित करने में मदद करेंगी.