Gold Rate Today, March 21, 2026: सोने की कीमतों में आई मामूली गिरावट, दिल्ली-मुंबई समेत आपके शहर में क्या है 22K और 24K का भाव? जानें आज की रेट लिस्ट
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

Gold Rate Today, March 21, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में शनिवार, 21 मार्च की सुबह सोने की कीमतों में हल्की नरमी देखी गई. वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और इसके संभावित आर्थिक परिणामों को लेकर निवेशकों की चिंता के बीच कीमतों में गिरावट का रुख जारी है. घरेलू बाजार फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट के नए संकेतों और हालिया आर्थिक आंकड़ों के आधार पर अपनी दिशा तय कर रहे हैं. दिल्ली, चेन्नई, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, जोधपुर, जयपुर, श्रीनगर, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और अहमदाबाद में आज, 21 मार्च को सोने का भाव देखने के लिए नीचे स्क्रॉल करें. यह भी पढ़ें: Gold Rate Today, March 20, 2026: आसमान पर पहुंचे सोने के दाम, दिल्ली-मुंबई सहित आपके शहर में क्या है 22K और 24K का भाव? जानें लेटेस्ट रेट्स

महानगरों में सोने के भाव (प्रति 10 ग्राम)

देश की राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1,49,050 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है, जबकि गहनों के लिए मानक माने जाने वाले 22 कैरेट सोने का भाव 1,36,690 रुपये पर है.

प्रमुख शहरों की रेट लिस्ट (21 मार्च 2026):

शहर 24K सोना (प्रति 10 ग्राम) 22K सोना (प्रति 10 ग्राम)
दिल्ली ₹ 1,49,050 ₹ 1,36,690
मुंबई ₹ 1,48,900 ₹ 1,36,490
चेन्नई ₹ 1,52,190 ₹ 1,39,510
अहमदाबाद ₹ 1,48,950 ₹ 1,36,590
कोलकाता ₹ 1,48,900 ₹ 1,36,490
बेंगलुरु ₹ 1,48,900 ₹ 1,36,490
हैदराबाद ₹ 1,48,900 ₹ 1,36,490

(नोट: नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और लखनऊ जैसे एनसीआर क्षेत्रों में भाव दिल्ली के समान ही बने हुए हैं।)

वैश्विक बाजार और घरेलू ट्रिगर्स

सोने की कीमतों में यह स्थिरता और मामूली गिरावट एक ऐसे दौर के बाद आई है जब अमेरिकी श्रम बाजार में सुस्ती और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के कारण सोने के दामों में काफी तेजी देखी गई थी.  चूंकि सोना एक 'नॉन-यील्डिंग' एसेट है, इसलिए केंद्रीय बैंकों का नरम रुख आमतौर पर वैश्विक निवेशकों के लिए इसके आकर्षण को बढ़ाता है.

रुपये की चाल का असर

घरेलू स्तर पर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये का प्रदर्शन एक महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है. चूंकि भारत अपनी सोने की अधिकांश जरूरतों को आयात के जरिए पूरा करता है, इसलिए रुपये की कमजोरी धातु की 'लैंडेड कॉस्ट' (आयात लागत) को बढ़ा देती है. इसका सीधा बोझ अंततः ज्वेलरी काउंटरों पर खुदरा उपभोक्ताओं पर पड़ता है. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कारोबारी हफ्ते में अंतरराष्ट्रीय हलचल कीमतों को नई दिशा दे सकती है.