बेंगलुरु, 29 सितंबर हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने मंगलवार को 300वें ‘एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर’ (एएलएच-ध्रुव) के साथ एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।
एचएएल के सीएमडी आर माधवन ने इस अवसर पर कहा कि 30 अगस्त 1992 को प्रोटोटाइप के पहली उड़ान भरने के बाद एएलएच ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और यह ‘‘अपने शानदार प्रदर्शन के चलते एक विश्वस्तरीय हेलीकॉप्टर साबित हुआ है।’’
उनके हवाले से एचएएल ने एक बयान में कहा, ‘‘एएलएच मार्क-1 से मार्क-4 तक का विकास असाधारण रहा है और यह हेलीकॉप्टरों के स्वदेशी डिजाइन तथा विकास में एक मजबूती है।’’
एचएएल के हेलीकॉप्टर प्रभाग में आयोजित एक कार्यक्रम में वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय के अतिरिक्त निदेशक (दक्षिणी क्षेत्र) वाई के. शर्मा ने हेलीकॉप्टर परिसर के मुख्य कार्याधिकारी जी वी एस भास्कर को 300वें हेलीकॉप्टर से संबंधित प्रमाणपत्र सौंपा।
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भास्कर ने कहा, ‘‘2,80,000 घंटे की उड़ान के साथ एएलएच किसी भी मिशन, किसी भी स्थान और किसी भी समय के लिए एक बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर साबित हुआ है।’’
वर्तमान में एचएएल के पास 73 एएलएच का करार है जिनमें से 41 थलसेना के लिए, 16 नौसेना के लिए और 16 तटरक्षक बल के लिए हैं।
इसने कहा कि इनमें से 38 एएलएच का पहले ही विनिर्माण हो चुका है और शेष का विनिर्माण 2022 तक पूरा हो जाएगा।
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