विदेश की खबरें | हैगिया सोफिया और भूमध्य सागर में खनन को लेकर ईयू-तुर्की में टकराव

कई महीने के बाद आमने-सामने की बैठक के बाद में 27 देशों के संगठन ईयू के विदेश मंत्रियों ने कहा कि वे, ‘‘ हैगिया सोफिया जैसे प्रतीकात्मक स्मारक को मस्जिद में बदलने के तुर्की के फैसले की वे निंदा करते हैं।’’

ईयू विदेश मामलों के प्रमुख जोसेप बोर्रेल ने कहा, ‘‘ इस फैसले से अविश्वास बढ़ेगा, धार्मिक समुदायों में विभाजन को बल मिलेगा और संवाद एवं सहयोग की हमारी कोशिशों को धक्का लगेगा।’’

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उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर विस्तृत समर्थन था कि तुर्की के अधिकारियों से इस फैसले को पलटने के लिए तुरंत विचार करने का आह्वान किया जाए।

उल्लेखनीय है कि इस्तांबुल स्थित हैगिया सोफिया का निर्माण 537 ईस्वी में गिरिजाघर के तौर पर किया गया था। पोप और अन्य ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन द्वारा इसे मस्जिद बनाने के लिए उठाए गए कदम पर दुख जताया और निंदा की।

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यूनान सरकार के प्रवक्ता स्टेलियोस पेटसास ने सोमवार को कहा कि एर्दोगन के फैसले से ईयू ने ‘चुनौती और अपमान’ का सामना किया है।

तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावुसोग्लु ने पलटवार करते हुए हैगिया सोफिया को मस्जिद में तब्दील करने के फैसले में अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप को खारिज कर दिया।

सरकारी प्रसारक टीआरटी से कावुसोग्लु ने कहा, ‘‘हैगिया सोफिया की विरासत मस्जिद के रूप में इस्तेमाल करने की है और इसे मस्जिद की तरह ही इस्तेमाल किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि ‘‘ हम तुर्की की संप्रभुता अधिकार में हस्तक्षे़प की तरह की गई टिप्पणी को खारिज करते हैं।’’

ईयू के विदेश मामलों के प्रमुख जोसेप बोर्रेल पिछले हफ्ते तुर्की में थे और उन्होंने इस दौरान पूर्वी भूमध्य सागर में तेल खोज के मामले पर तुर्की की यूनान एवं साइप्रस से विवाद पर भी चर्चा की थी। तुर्की ने तेल खनन के कार्य की सुरक्षा के लिए युद्धपोत की तैनाती की है जबकि साइप्रस का दावा है कि जिस इलाके में तुर्की तेल खोज कर रहा है वहां पर उसका अधिकार है।

पेटसास ने कहा कि तुर्की द्वारा भूमध्य सागर में खनन अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि यूनान उसके खिलाफ संभावित राजनीतिक, कूटनीतिक और वित्तीय प्रतिबंधों की सूची बना रहा है।

इसके जवाब में कावुसोग्लु ने कहा, ‘‘अगर यूनान अधिकतम लाभ से पीछे हटता है और उचित अधिकारों को साझा करने पर सहमत होता है और अगर साइप्रस राजस्व के बंटवारे पर सहमत होता है तब हमारी 80 प्रतिशत समस्याओं का समाधान हो जाएगा।’’

बोर्रेल ने कहा कि सोमवार को हुई बैठक में तत्काल कोई फैसला नहीं लिया गया लेकिन मंत्री अगले महीने बर्लिन में होने वाली बैठक में फिर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।

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