देश की खबरें | गुजरात : दलित व्यक्ति की हत्या मामले में गवाह को भी मारा डाला, तीन लोग गिरफ्तार

बोटाद (गुजरात), 15 सितंबर गुजरात के बोटाद जिले में चार साल पहले एक दलित व्यक्ति की हत्या से जुड़े मामले में गवाह रहे 46 वर्षीय व्यक्ति की कथित तौर पर आरोपी के रिश्तेदारों ने हत्या कर दी।

पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि कथित तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिले की रणपुर तालुक के बागड गांव के समीप सात हथियारबंद लोगों ने अनुसूचित जाति के राजेश मकवाना पर छह सितंबर को हमला कर दिया।

बोटाद जिले के पुलिस अधीक्षक किशोर बालोलिया ने बताया कि मकवाना की बृहस्पतिवार रात को पड़ोसी भावनगर शहर के एक अस्पताल में मौत हो गयी।

दलित अधिकार संगठन ‘राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच’ के सदस्यों ने स्थानीय पुलिस को एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि जब तक न्याय नहीं किया जाता तब तक मकवाना का शव घर नहीं ले जाया जाएगा। संगठन ने यह भी दावा किया कि मकवाना की इसलिए हत्या की गयी कि उसने महज 15 दिन पहले 2019 के हत्या के एक मामले में निचली अदालत में गवाही दी थी।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय से आने वाले हमलावरों की दलित सामाजिक कार्यकर्ता मंजीभाई सोलंकी की हत्या के मामले में गवाह बनने को लेकर मकवाना से दुश्मनी थी। सोलंकी पड़ोसी जलीला गांव में रहता था।

एसपी बालोलिया ने कहा कि सोलंकी और उनकी पत्नी एवं गांव की तत्कालीन सरपंच गीता सोलंकी तथा आरोपियों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण सोलंकी की हत्या की गयी।

उन्होंने बताया कि मकवाना पर हमले में कथित तौर पर शामिल लोग सोलंकी हत्या मामले में गिरफ्तार आठ लोगों के रिश्तेदार हैं।

बालोलिया ने कहा, ‘‘मकवाना पर कथित तौर पर धीरू खाचर, उनके तीन बेटों और तीन अज्ञात लोगों ने छह सितंबर को हमला किया। बृहस्पतिवार रात को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। खाचर के तीन बेटों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि खाचर और तीन अन्य लोग अभी पकड़े नहीं गए हैं।’’

मकवाना के घायल अवस्था में छह सितंबर को अस्पताल में दिए गये बयान के आधार पर रणपुर पुलिस ने सात सितंबर को धीरू खाचर, उनके बेटों हरेश, किशोर और रघु तथा तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।

एसपी ने बताया कि बागड गांव में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए पुलिस को तैनात किया गया है।

राजेश मकवाना के एक रिश्तेदार कांशीभाई मकवाना ने कहा कि वे एसपी का तबादला और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी चाहते हैं। मंजीभाई सोलंकी (51) की 19 जून 2019 को रणपुर-बरवाला सड़क पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी थी।

उनकी पत्नी तब गांव की सरपंच थी और मंजीभाई खुद जलीला ग्राम पंचायत के सदस्य और उप सरपंच थे।

उनकी हत्या के कुछ दिन बाद पुलिस ने इस मामले में अशोक खाचर, प्रताप खाचर, ऋतुराज खाचर और रविराज खाचर समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)