अहमदाबाद, 21 जून गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म 'महाराज' की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है।
अदालत ने फिल्म देखने के बाद कहा कि इसमें कुछ भी आपत्तिजनक या अपमानजनक नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म ‘नेटफ्लिक्स’ पर फिल्म को रिलीज करने का आदेश दे दिया।
पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने इसकी रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी। याचिका में दावा किया गया था कि फिल्म धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है।
यशराज फिल्म्स (वाईआरएफ) द्वारा निर्मित यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे।
पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है।
न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।
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