देश की खबरें | गुजरात उच्च न्यायालय ने 'महाराज' फिल्म की ओटीटी रिलीज पर अंतरिम रोक एक दिन के लिए बढ़ाई

अहमदाबाद, 19 जून गुजरात उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म 'महाराज' को देखने या नहीं देखने पर निर्णय लेगा, ताकि कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर इसकी रिलीज के खिलाफ याचिका पर फैसला किया जा सके।

न्यायमूर्ति संगीता विशेन की अदालत ने फिल्म की रिलीज पर लगाई अंतरिम रोक एक दिन के लिए और बढ़ा दी, क्योंकि मामले की अगली सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार की तिथि निर्धारित की गयी थी।

फिल्म के निर्माता यशराज फिल्म्स (वाईआरएफ) ने फिल्म देखने के लिए अदालत को लिंक और पासवर्ड प्रदान करने की पेशकश की, ताकि यह तय किया जा सके कि यह किसी विशेष समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है या नहीं।

पुष्टिमार्ग संप्रदाय के सदस्यों ने फिल्म के बारे में लेख पढ़ने के बाद रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की।

याचिकाकर्ताओं ने बताया कि मानहानि के मामले में फैसला सुनाने वाली ब्रिटिशकालीन अदालत ने "हिंदू धर्म की निंदा की है और भगवान कृष्ण के साथ-साथ भक्ति गीतों और भजनों के खिलाफ गंभीर रूप से ईशनिंदा वाली टिप्पणियां की हैं।"

अदालत ने कहा कि फिल्म देखने या न देखने का फैसला अदालत के पास होगा। अदालत ने, हालांकि मामले को गुण-दोष के आधार पर सुनवाई करने पर सहमति जताते हुए इसे बृहस्पतिवार के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि "(फिल्म देखना) संबंधित पक्षों के वकीलों की दलीलों से इतर होगा।’’

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता मिहिर जोशी ने कहा कि उन्हें इस बात से कोई दिक्कत नहीं है कि अदालत याचिका पर निर्णय लेने के लिए फिल्म देखे। उन्होंने कहा, ‘‘अगर यह (फिल्म) हमारे धर्म को बदनाम नहीं करती है तो इसे रिलीज होने दें। हम इस मामले को और आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं।’’

याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि अगर फिल्म को रिलीज करने की अनुमति दी गई तो उनकी धार्मिक भावनाओं को "गंभीर रूप से ठेस पहुंचेगी" और इससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने और संप्रदाय के अनुयायियों के खिलाफ हिंसा भड़कने की संभावना है।

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