अमरेली, 26 फरवरी गुजरात के अमरेली जिले की एक विशेष अदालत ने नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार के अलग-अलग मामलों में तीन लोगों को दोषी ठहराया और उन्हें ‘‘अंतिम सांस तक’’ कैद की सजा सुनाई। सभी फैसले एक ही दिन आए।
मंगलवार को विशेष पोक्सो (बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम) न्यायाधीश डी एस श्रीवास्तव की अदालत ने नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार के तीन अलग-अलग मामलों में अमर कालेना, बकुल धाधुकिया और एक अन्य व्यक्ति को ‘अंतिम सांस तक’ आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इस फैसले का तात्पर्य है कि तीनों ही बाकी जिंदगी सलाखों के पीछे गुजारेंगे।
सरकारी वकील ममता त्रिवेदी ने बताया कि अदालत ने राज्य प्रशासन को निर्देश दिया कि वह हर पीड़ित को सरकारी योजना के तहत चार लाख रुपये का मुआवजा दे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों में से एक ने अपनी ही बेटी के साथ बलात्कार किया और मामला तब सामने आया जब वह गर्भवती हो गई और नवंबर 2023 में भावनगर के सिविल अस्पताल में उसने एक बच्ची को जन्म दिया। इस वारदात के वक्त यह लड़की 15 वर्ष की थी।
अदालत ने प्रशासन को पीड़िता को चार लाख रुपये और उसके बच्चे को दो लाख रुपये देने का निर्देश दिया।
दूसरे मामले में अमरेली शहर के जेसिंगपारा इलाके के कालेना ने 14 साल की लड़की को शादी का झांसा दिया एवं उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक जुलाई 2022 में कालेना ने तीन अलग-अलग गांवों में रहकर लड़की के साथ बार-बार बलात्कार किया।
त्रिवेदी ने बताया कि अदालत ने उस पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि तीसरी घटना अमरेली तालुका के एक गांव में हुई, जिसमें आरोपी धाधुकिया ने 26 मई, 2023 को अपने घर के अंदर 15 वर्षीय लड़की का यौन उत्पीड़न किया।
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