अहमदाबाद, 30 जुलाई अहमदाबाद की एक सत्र अदालत ने बृहस्पतिवार को गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल की जमानत की शर्त में संशोधन करने का अनुरोध वाली याचिका को खारिज कर दिया। इस शर्त के तहत अदालत की पूर्व अनुमति के बिना उनके राज्य से बाहर जाने पर रोक है।
गुजरात सरकार की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बी जे गणात्रा ने पटेल की याचिका को खारिज कर दिया।
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अदालत ने उस शर्त को बरकरार रखा कि कांग्रेस नेता जब भी राज्य से बाहर जाना चाहें तो वह हमेशा अदालत से संपर्क कर सकते हैं।
वर्ष 2015 में पटेल के खिलाफ दर्ज राजद्रोह के मामले में सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहने के चलते इस अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। पटेल की गिरफ्तारी के बाद जनवरी में उन्हें जमानत दी गई थी।
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जमानत इस शर्त पर दी गई थी कि कांग्रेस नेता अदालत की पूर्व अनुमति के बिना गुजरात नहीं छोड़ेंगे।
हाल ही में प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किए जाने के बाद 26 वर्षीय पटेल ने अपनी जमानत के आदेश से शर्त हटाने की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने तर्क दिया कि नई जिम्मेदारी के चलते उन्हें अक्सर राज्य से बाहर जाना पड़ेगा।
हालांकि, राज्य सरकार ने पटेल की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि उनके कारण पहले ही राजद्रोह के मामले की सुनवाई में देरी हुई।
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