देश की खबरें | शीतऋतु में प्रदूषण के स्तर पर निगरानी के लिए दिल्ली में बनाया गया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इस शीतऋतु में शहर में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए उठाए गए कदमों पर निगरानी के वास्ते दिल्ली सचिवालय में ‘हरित वॉर रूम’ का बृहस्पतिवार को उद्घाटन किया।

मंत्री ने कहा कि प्रदूषण के प्राथमिक कारकों के स्तर, प्रदूषण को रोकने के लिए उठाए गए कदम और ‘ग्रीन दिल्ली’ मोबाइल ऐप के जरिये प्राप्त शिकायतों पर निगरानी रखने के लिए वरिष्ठ वैज्ञानिकों मोहन जॉर्ज और बी एल चावला की अगुआई में दस सदस्यीय एक दल का गठन किया गया है।

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पड़ोसी राज्यों के खेतों में लगने वाली आग से संबंधित, उपग्रह से प्राप्त आंकड़ों का भी वॉर रूम में विश्लेषण किया जाएगा।

राय ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कई एजेंसियां काम कर रही हैं और इन सबके प्रयासों में समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से वॉर रूम बनाया गया है।

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मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि हरित वॉर रूम में तीन बड़ी स्क्रीन है जिसमें से एक स्क्रीन पीएम 2.5, पीएम 10, ओजोन, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे प्रदूषण के प्राथमिक कारकों और हवा की गति पर निगरानी के लिए है।

शहर के 13 प्रमुख स्थानों पर प्रदूषण के स्तर और उन्हें कम करने के लिए उठाए गए कदमों पर दूसरी स्क्रीन के जरिये नजर रखी जाएगी।

प्रदूषण के लिहाज से 13 प्रमुख स्थान हैं- ओखला फेज दो, द्वारका, अशोक विहार, बवाना, नरेला, मुंडका, पंजाबी बाग, वजीरपुर, रोहिणी, विवेक विहार, आनंद विहार, आर के पुरम और जहांगीरपुरी।

मंत्री ने कहा कि तीसरी स्क्रीन पर फसल के अवशेष जलाने के नासा और इसरो से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा।

वॉर रूम का दल सड़कों की मशीनों से सफाई और पानी के छिड़काव पर भी निगरानी रखेगा।

राय ने कहा कि नियंत्रण कक्ष, निर्माण और विध्वंस स्थलों, कंक्रीट मिश्रण कारखानों और कचरा जलाने से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण को समाप्त करने के लिए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने की दिशा में काम करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘धूल विरोधी यह अभियान 15 अक्टूबर तक ‘मिशन मोड’ में जारी रहेगा और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’’

उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतों और उनके निवारण की दैनिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भेजी जाएगी।

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