जरुरी जानकारी | गोयल ने उद्योगों को स्थानीय करों से जुड़े मुद्दे सुलझाने का भरोसा दिया

नयी दिल्ली, 16 जुलाई वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उद्योगों को बिजली शुल्क जैसे स्थानीय करों से जुड़े मुद्दों को सुलझाने का भरोसा दिया।

गोयल ने बृहस्पतिवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अक्षय ऊर्जा पर वेबिनार को संबोधित करते हुए उद्योग जगत को आश्वस्त किया कि सरकार बिजली शुल्कों जैसे मुद्दों को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि इनकी वजह से घरेलू विनिर्माताओं की प्रतिस्पर्धी क्षमता प्रभावित होती है।

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उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय सभी स्तरों पर इस मुद्दे को उठा रहा है। उनसे सवाल किया गया था कि बिजली शुल्क, ईंधन पर कर आदि की वजह से आज वैश्विक कंपनियों की तुलना में भारतीय उद्योग की प्रतिस्पर्धी क्षमता प्रभावित हो रही है ऐसे में सरकार आत्म-निर्भर भारत अभियान के तहत इन्हें कैसे समायोजित करेगी।

गोयल ने कहा, ‘‘हम इस समस्या के बारे में जानते हैं। खासकर इस वजह से कि अन्य देश संभवत: मंडी शुल्क या बिजली शुल्क नहीं लेते। इससे हमारे विनिर्माता प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाते हैं।’’

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मंत्री ने कहा, ‘‘हम सरकार के साथ इस मुद्दे को उठा रहे हैं। हम आकलन कर रहे हैं कि इसका क्या तंत्र हो सकता है। मैं आपको भरोसा दिला रहा हूं कि हमारा मंत्रालय सभी स्तरों पर इस मुद्दे को उठा रहा है ताकि इसका समाधान ढूंढा जा सके।’’

उत्पाद विनिर्माण में स्थानीय सामग्री का इस्तेमाल बढ़ाने के बारे में गोयल ने कहा, ‘‘मैं इसको लेकर बहुत अधिक उत्साहित नहीं हूं, लेकिन घरेलू विनिर्माण को मजबूत कर देश को आत्म-निर्भर बनना है।’’

उन्होंने कहा कि यदि भारत में एक कलपुर्जा उपलब्ध नहीं है, तो आप पूरे उपकरण का आयात नहीं करें। हमें इस पर व्यावहारिक ओर संतुलित रुख अपनाना होगा। ‘‘हमें नए सामानों के लिए अपने विनिर्माण को मजबूत करना होगा, जिससे हम अधिक घरेलू सामग्री का इस्तेमाल करने की ओर आगे बढ़ सकें।’’

गोयल ने कहा, ‘‘हमारा आत्म-निर्भर भारत अभियान ‘सेलेक्सयूएसए’ जैसे कार्यक्रमों या यूरोपीय संघ के उच्च गुणवत्ता मानकों से अलग नहीं है।‘’ मंत्री ने कहा कि यदि कोई विदेशी कंपनी कहती है कि भारत में पक्षपात हो रहा है, तो उसे सबसे पहले खुद को देखना चाहिए। जब आप देखना चाहेंगे कि भारत क्या गलत कर रहा है, तो आपको कुछ नहीं मिलेगा।

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