जरुरी जानकारी | गोयल ने उद्योग से विनिर्माण बढ़ाने, आयात निर्भरता में कमी लाने को कहा

नयी दिल्ली, 30 जून वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को उद्योग जगत और निर्यातकों से घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने, आपूर्ति व्यवस्था में विविधता लाने और आयात पर निर्भरता कम करने को कहा।

गोयल ने सरकारी अधिकारियों और निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ यहां एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार कारोबार सुगमता के माध्यम से एक सुविधाजनक व्यापार परिवेश बनाने और निर्यातकों के लिए अधिक बाजार अवसर सृजित करने को प्रतिबद्ध है।

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, ‘‘उन्होंने कहा कि उद्योग को अपनी विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाना चाहिए, आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लानी चाहिए, आत्मनिर्भर भारत बनने के लक्ष्य को साकार करने के लिए आयात पर निर्भरता कम करनी चाहिए।’’

बैठक में मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर बातचीत, हस्ताक्षर और उनके लागू होने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

इसके अलावा, मंत्रालय ने बैठक में विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) के लिए प्रस्तावित सुधारों के बारे में जानकारी दी।

बयान के अनुसार, प्रक्रियाओं को सरल बनाने, पैमाने की मितव्ययिता के साथ अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ाने, एसईजेड में निष्क्रिय क्षमताओं का उपयोग करने की योजना है।

बैठक में शामिल निर्यातकों के अनुसार, गोयल ने उनसे व्यापार समझौतों के उपयोग को बढ़ाने में आने वाली समस्याओं के बारे में बताने के लिए कहा।

दुर्लभ खनिज चुंबक के निर्यात पर चीन के प्रतिबंध के मुद्दे पर, निर्यातकों में से एक ने कहा कि मंत्री ने उद्योग को वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करने का सुझाव दिया।

वाहन और चिकित्सा उपकरण उद्योग ने विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग किए जाने वाले दुर्लभ खनिज चुंबक के आयात के लिए चीनी सरकार से मंजूरी में तेजी लाने में सरकार से मदद मांगी है।

एक निर्यातक ने कहा कि घरेलू उद्योग को इसके लिए रूस और दक्षिण अफ्रीका जैसे बाजारों पर विचार करना चाहिए।

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