देश की खबरें | बंगाल के राज्यपाल भाजपा के ‘लाउडस्पीकर’ हैं :तृणमूल कांग्रेस
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, 29 अक्टूबर पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ के कथित ‘‘पक्षपात’’ को लेकर बृहस्पतिवार को उन्हें राजभवन के लिये कलंक करार दिया और उन पर भाजपा का ‘‘लाउडस्पीकर’’ होने का आरोप लगाया।

धनखड़ अभी दिल्ली में हैं और आज दोपहर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने वहां बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था की आलोचना की।

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राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाये।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस महासचिव पार्था चटर्जी ने आरोप लगाया कि धनखड़ राज्य की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं और भाजपा के प्रवक्ता की तरह बोल रहे हैं।

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उल्लेखनीय है कि धनखड़ के बंगाल के राज्यपाल पद पर आसीन होने के बाद से ही उनका और ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस के बीच एक साल से अधिक समय से तकरार चल रही है।

चटर्जी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि राज्यपाल को पश्चिम बंगाल पर उंगली उठाने से पहले भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में अराजकता को देखना चाहिए। वह भगवा खेमे को राजनीतिक मदद करने के लिये भाजपा के प्रवक्ता की तरह काम कर रहे हैं।

चटर्जी के विचारों से सहमति जताते हुए उनकी पार्टी के सहकर्मी एवं सांसद कल्याण बनर्जी ने राज्यपाल पर भाजपा के लाउडस्पीकर की तरह काम करने आरोप लगाया। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि वह (धनखड़) राजभवन के लिये कलंक हैं।’’

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ भाजपा के लाउडस्पीकर हैं। क्या वह गृह मंत्री से मिलने या भाजपा नेताओं से मिलने नहीं गये ? उन्होंने ऐसा करीब 99 बार किया है, इसलिए यह जरूर ही 100 का अध्याय होना चाहिए। एक बार फिर से वह अपने झूठ का पुलिंदा लेकर दिल्ली गये हैं।’’

राज्य में कानून व्यवस्था की खराब स्थिति होने का धनखड़ के जिक्र करने को लेकर उन पर पलटवार करते हुए बनर्जी ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि पूरे बंगाल में त्योहार (दुर्गा पूजा) शांति पूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। त्योहार की खुशी बंगाल में करोड़ों लोगों ने सौहार्द्र के साथ साझा की। वह (धनखड़) राजभवन के लिये एक कलंक हैं।

वहीं, भाजपा के आकाओं को खुश करने के लिये कथित तौर पर अपने पद से समझौता करने को लेकर राज्यपाल की विपक्षी कांग्रेस और माकपा ने भी आलोचना की है। लेकिन उन्होंने इस बात से सहमति जताई कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति अच्छी नहीं है।

माकपा के वरिष्ठ नेता समिक लाहिरी ने कहा, ‘‘हां, राज्यपाल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने का पूरा हक है। बाद में उन्होंने बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति के बारे में बोला। हम इससे सहमत हैं। लेकिन यही भाजपा देश भर में इसी तरह के अत्याचार करने की आरोपी है।’’

कांग्रेस सांसद प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि राज्यपाल की रिपोर्ट और बयानों को किसी राजनीतिक दल के पक्ष में होने के बजाय ‘‘संतुलित’’ होना चाहिए।

हालांकि, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार ने कहा, ‘‘राज्य में अराजकता फैली हुई है। ’’

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