जयपुर, 28 अगस्त राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत तंत्र विकसित करने का आह्वान किया है।
बागडे ने बुधवार को पश्चिमी सीमा पर आंतरिक सुरक्षा समन्वय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सीमाओं पर चौकसी जितनी जरूरी है, उतना ही आवश्यक यह है कि ‘‘हमारे यहां आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी रहे।’’
उन्होंने सीमाओं पर चौकसी करते हुए रक्षा करने के साथ आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत तंत्र विकसित करने के निरंतर प्रयास किए जाने पर जोर दिया।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्यपाल ने सीमा पर रहने वाले परिवारों से बातचीत करके उनके सहयोग से प्रयास भी किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने सीमा पर रहने वाले परिवारों की सराहना की तथा कहा कि सीमाओं पर देश की सुरक्षा की दृष्टि से उनकी भी महती भूमिका है।
उन्होंने सीमावर्ती जिलों में विकास के लिए परस्पर सहयोग बनाए रखने, सीमावर्ती क्षेत्रों में अधिकारियों की संयुक्त स्तर पर नियमित बैठक किए जाने और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर निरंतर संवाद की आवश्यकता जतायी ताकि भविष्य की किसी भी अप्रिय स्थितियों से निपटा जा सके। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए भी प्रभावी रणनीति बनाकर कार्य किए जाने पर जोर दिया।
बागडे बुधवार को जयपुर से हेलीकॉप्टर से पाकिस्तान से सटी राजस्थान की पश्चिमी सीमा स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की सांचू पोस्ट पहुंचे। उन्होंने सीमा क्षेत्र का गहन निरीक्षण करते हुए सीमा क्षेत्र की चुनौतियों के बारे में भी जानकारी ली। बीकानेर जिले के इस सीमा क्षेत्र का दौरा करते हुए उन्होंने वहां तैनात बीएसएफ के जवानों से संवाद करते हुए विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों में भी निरंतर मुस्तैद रहकर देश की रक्षा करने की उनकी प्रतिबद्धता और समर्पण की विशेष रूप से सराहना की।
राज्यपाल बागडे को सांचू सीमा पहुंचने पर भारत-पाकिस्तान के मध्य 1965 और 1971 के दौरान यहां हुई लड़ाइयों के बारे जानकारी दी गयी। राज्यपाल ने भारतीय सेना के युद्ध के इतिहास और सैनिकों के पराक्रम की दृष्टि से सांचू को महत्वपूर्ण बताते हुए भारतीय सेना के जवानों के शौर्य और पराक्रम को नमन किया। उन्होने बाद में वहां 'वार म्यूजियम' भी देखा।
राज्यपाल बागडे ने सीमा क्षेत्र पर बीएसएफ के जवानों से संवाद करते हुए कहा कि सैनिक शब्द ही मन में जोश जगाने वाला है। उन्होंने कहा, ‘‘सैनिक हमारे देश के सुरक्षा प्रहरी ही नहीं हैं बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता व एकता के प्रतीक भी हैं।’’
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