नयी दिल्ली, 11 अगस्त कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि सरकार की यह बात पूरी तरह से ‘बकवास’ है कि वह संसद में मणिपुर पर चर्चा चाहती थी।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि राज्यसभा में मणिपुर पर चर्चा के लिए विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों ने बीच का रास्ता सुझाया था, लेकिन सरकार इस पर आगे नहीं बढ़ी।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मणिपुर पर चर्चा नहीं कराने के कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार के बार-बार चर्चा का आग्रह करने के बावजूद विपक्षी दलों ने दुर्भाग्यपूर्ण रूप से राजनीतिक कारणों से चर्चा में हिस्सा नहीं लिया।
जोशी के इस बयान के बाद रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मोदी सरकार का यह दावा कि वह मणिपुर पर चर्चा चाहती थी, पूरी तरह से बकवास है। मणिपुर पर प्रधानमंत्री का ‘मौन व्रत’ खुलवाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव की आवश्यकता पड़ी। 133 मिनट लंबे भाषण में उन्होंने ‘इंडिया’ के घटक दलों के सदन से बहिर्गमन के बाद मणिपुर पर बमुश्किल चार मिनट बात की।’’
रमेश ने दावा किया, ‘‘राज्यसभा में ‘इंडिया’ के घटक दलों ने पारस्परिक रूप से बातचीत के आधार पर लाए जाने वाले प्रस्ताव/संकल्प पर चर्चा करने का बीच का रास्ता सुझाया था। किसी न किसी बहाने से सत्ता पक्ष ने इसे आगे नहीं बढ़ाया। बिल्कुल स्पष्ट करना चाहता हूं कि तीन अगस्त से विपक्ष नियम-167 के तहत प्रस्ताव का मजमून तय करने के लिए भाजपा के नेताओं के साथ बैठकर करने को तैयार था।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अब सत्र समाप्त होने के बाद संबंधित मंत्रियों द्वारा इस तरह के झूठे दावे करना मोदी सरकार चिरपरिचत काम है।’’
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