नयी दिल्ली, 14 मार्च तेल की कीमतों में भारी उछाल के बीच, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा कि आने वाले महीनों में जनता को ईंधन के मूल्यों से राहत सुनिश्चित करने के लिए सरकार सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री पुरी ने यह भी बताया कि पेट्रालियम उत्पादों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के अधीन लाने का एक प्रस्ताव जीएसटी परिषद में आया था लेकिन ‘‘इसे समर्थन नहीं मिला’’।
ज्ञात हो कि भारत अपने ईधन की जरूरतों की पूर्ति के लिए 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है।
कांग्रेस के आनंद शर्मा ने पुरी से यह जानना चाहा था कि सरकार और विपक्ष के बीच पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर सहमति बन गई थी लेकिन अभी तक यह लागू नहीं हो सका। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इसकी वर्तमान स्थिति जाननी चाही।
इसके जवाब में पुरी ने कहा, ‘‘जो राज्य पेट्रोल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री से उच्च राजस्व कमा रहे हैं और इसमें मैं शराब को जोड़ दूं तो...वह इन दोनों माध्यमों से अपने राजस्व में कटौती करने को तैयार नहीं है।’’
हालांकि उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले महीनों में सरकार हर वह कदम उठाएगी ताकि ग्राहकों को राहत सुनिश्चित की जा सके।’’
पुरी ने कहा कि वर्तमान में तेल की कीमतें 109 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमसे जो भी संभव हो सकेगा, नागरिकों के हित में हम वह सभी कदम उठाएंगे।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY