देश की खबरें | पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल विदेश भेजेगी सरकार

नयी दिल्ली, 16 मई सरकार पहलगाम में आतंकवादी हमले के प्रत्युत्तर में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आक्रामक राजनयिक अभियान के तहत वैश्विक स्तर पर भारत के पक्ष को मजबूती से रखने और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को बेनकाब करने के लिए अगले सप्ताह से विभिन्न देशों में कई बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजेगी।

मुख्य विपक्षी कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से सरकार ने इसके लिए आह्वान किया है और कुछ दलों ने राजनयिक प्रयास के लिए अपने सदस्यों को भेजने की मंजूरी भी दे दी है।

विदेश जाने वाले इन प्रतिनिधिमंडलों या उनके सदस्यों की संख्या को लेकर फिलहाल कोई स्पष्टता नहीं है, हालांकि कुछ नेताओं ने कहा कि 30 से अधिक सांसद हो सकते हैं।

प्रतिनिधिमंडल 10 दिनों की अवधि के लिए विभिन्न देशों का दौरा करेंगे। सांसद सरकार द्वारा निर्धारित देशों का दौरा करेंगे।

विदेश मंत्रालय इस राजनयिक मिशन के लिए रवाना होने से पहले सांसदों को पूरी जानकारी देगा।

सूत्रों ने बताया कि जिन पार्टियों के सांसद प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे उनमें भाजपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी), जनता दल (यूनाइटेड), बीजू जनता दल, माकपा और कुछ अन्य शामिल हैं।

इस राजनयिक प्रयास का हिस्सा बनने वाले एक नेता ने कहा कि उन्हें 22-23 मई तक 10 दिनों की अवधि के लिए रवाना होने के वास्ते तैयार रहने को कहा गया है और विदेश मंत्रालय यात्रा कार्यक्रम सहित आवश्यक विवरण प्रदान करने के लिए उनके संपर्क में रहेगा।

सूत्रों ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और ओडिशा से भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी इन प्रतिनिधिमंडलों का हिस्सा बनने वाले सत्तारूढ़ दल के सदस्यों में शामिल हैं।

सरकार ने इस कूटनीतिक कवायद के बारे में कांग्रेस के कम से कम चार सांसदों के अलावा अन्य सांसदों को भी अवगत करा दिया है।

सूत्रों का कहना है कि सरकार की सूची में शामिल कांग्रेस सांसदों में शशि थरूर, मनीष तिवारी, सलमान खुर्शीद और अमर सिंह शामिल हैं और पार्टी ने पुष्टि की है कि वह प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।

सूत्रों ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, जद (यू) के संजय झा, बीजद के सस्मित पात्रा, राकांपा (एसपी) की सुप्रिया सुले, द्रमुक की के कनिमोझी, माकपा के जॉन ब्रिटास और एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी को भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनने के लिए कहा जा रहा है।

इस मामले पर फिलहाल सरकार की तरफ से आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘पीटीआई-’ को बताया कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने इस बारे में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से बात की है।

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