नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर केन्द्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र देशभर में बांस के क्लस्टर (समूहों) स्थापित करने की योजना बना रहा है और इस तरह की पहल सबसे पहले जम्मू और कश्मीर में की जाएगी, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में लगभग 25,000 लोगों को रोजगार के प्रत्यक्ष अवसर मिलेंगे।
केंद्रीय पूर्वोत्तर विकास मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में लगभग 35 प्रतिशत क्षेत्र बांस की खेती के तहत हैं और पिछले वर्ष सदी पुराने भारतीय वन अधिनियम में संशोधन करके मोदी सरकार द्वारा पाबंदियां हटाये जाने तक क्षेत्र में बांस की क्षमता का पूरा उपयोग नहीं किया गया था।
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उन्होंने यहां एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पूरे भारत में बांस के क्लस्टर स्थापित किये जाने की योजना है, जिसकी शुरूआत जम्मू कश्मीर से होनी है।
सिंह ने कहा कि जम्मू, कटरा और सांबा में बांस की टोकरी, अगरबत्ती और बांस चारकोल बनाने के लिए तीन बांस क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जिससे लगभग 25,000 लोगों को रोजगार के प्रत्यक्ष अवसर मिलेंगे और इस संबंध में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) अंतिम चरण में है।
उन्होंने बताया कि मंत्रालय के अधिकारियों की एक टीम जल्द ही जम्मू का दौरा करेगी और क्षेत्र में बांस की खेती के लिए एक क्षेत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में संभावना को तलाशेगी।
मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों का अनुभव जम्मू-कश्मीर में इस तरह की योजना को लागू करने में मदद करेगा और यह कारीगरों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा।
सिंह ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में बांस के विशाल भंडार हैं, जिनका अभी तक काफी हद तक इस्तेमाल नहीं किया गया हैं।
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