नयी दिल्ली, 19 फरवरी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा भारतीय निर्वासितों को लेकर आने वाली अमेरिकी उड़ानों के अमृतसर में उतरने पर आपत्ति जताए जाने के बीच सरकारी सूत्रों ने बुधवार को इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि इन अवैध प्रवासियों में सबसे अधिक संख्या पंजाब के लोगों की है।
पांच फरवरी से भारत पहुंची तीन उड़ानों के आंकड़े साझा करते हुए सूत्रों ने कहा कि अमेरिकी सैन्य विमान से लाए गए 333 लोगों में से कुल 126 पंजाब के निवासी हैं, इसके बाद पड़ोसी राज्य हरियाणा के 110 और गुजरात के 74 लोग शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इनमें से आठ लोग उत्तर प्रदेश के, पांच महाराष्ट्र के, दो-दो हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, राजस्थान और गोवा के तथा एक-एक जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड के हैं।
सूत्रों ने कहा कि 5, 15 और 16 फरवरी को तीन उड़ानों से आए निर्वासितों में 262 पुरुष, 42 महिलाएं और 29 नाबालिग शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि मई 2020 से अब तक भारतीय निर्वासितों को लेकर 23 उड़ानें देश में आ चुकी हैं और ये सभी अमृतसर में उतरीं।
डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद से अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर तीन सैन्य विमान भारत आ चुके हैं। ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था।
विपक्षी दलों ने अमेरिकी विमान से वापस भेजे गए अवैध भारतीय प्रवासियों के साथ किए गए व्यवहार का विरोध किया क्योंकि उन्हें हथकड़ी लगाई गई और बेड़ियां पहनाई गई थीं। विपक्ष ने भारत सरकार से इस मुद्दे को अमेरिका के समक्ष उठाने की मांग की थी।
पांच फरवरी को पहली अमेरिकी उड़ान के उतरने के बाद, मान ने केंद्र पर पंजाब को बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि अमृतसर जैसे पवित्र शहर को ‘‘निर्वासन केंद्र’’ नहीं बनाया जाना चाहिए। इस उड़ान में पंजाब से 30 और हरियाणा और गुजरात से 33-33 निर्वासित लोग थे।
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