नयी दिल्ली, 18 सितंबर सरकार ने कोविड -19 महामारी के दौरान आवश्यक दवाओं की आपूर्ति में किसी भी संभावित बाधा से निपटने के लिए ‘समय पर और प्रभावी’ उपाय किए हैं और देश भर में उनकी सहज उपलब्धता सुनिश्चित की है। संसद को शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।
रसायन एवं उर्वरक मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया, '' फार्मास्युटिकल्स विभाग (डीओपी) ने कोविड -19 महामारी के दौरान उचित मूल्य पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए हैं।’’
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सरकार द्वारा किए गए उपायों का विवरण देते हुए, गौड़ा ने कहा कि एक हेल्पलाइन नंबर के साथ एक 'कंट्रोल रूम' स्थापित किया गया है और ‘दवाओं, मास्क, दस्ताने, हाथ सेनेटाइजर आदि की अनुपलब्धता जैसे मुद्दों’ और इन आवश्यक वस्तुओं की कीमत सीमा के उल्लंघन जैसे मुद्दों का शीघ्र समाधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की संयुक्त ड्रग कंट्रोलर एस ई रेड्डी की अध्यक्षता में एक अंतर-मंत्रिस्तरीय समिति का गठन किया गया है ताकि समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एपीआई (सक्रिय दवा सामग्री), फार्मूलेशन और चिकित्सा उपकरणों के निर्यात और आयात की निगरानी की जा सके और देश में इनकी कमी को रोका जा सके।
गौड़ा ने कहा कि समिति समय-समय पर अपनी रिपोर्ट सौंपती रहती है।
मंत्री ने कहा, ‘‘एनपीपीए ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन, पारासिटामोल, टीके, एंटी-ट्यूबरकुलोसिस ड्रग्स, एंटी-डायबिटिक ड्रग्स, कार्डियक ड्रग्स, आयातित मिरगी-रोधी दवाओं और विभिन्न कोविड-19 दवाओं जैसी जीवन रक्षक आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।’’
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