कोविड-19 के आंकडों के विश्लेषण के लिए अमेरिकी कंपनी से अनुबंध पर केरल सरकार की खिंचाई
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कोच्चि, 21 अप्रैल केरल उच्च न्यायालय ने कोविड-19 के मरीजों से संबंधित आंकड़ों का विश्लेषण कराने के लिए एक अमेरिकी कंपनी के साथ आईटी अनुबंध के लिए राज्य सरकार की मंगलवार को खिंचाई की और इस बारे में विस्तृत जानकारी के साथ एक बयान 24 अप्रैल तक दाखिल करने का निर्देश दिया।

अदालत उस अर्जी पर सुनवायी कर रही थी जिसमें राज्य सरकार के अमेरिकी आईटी कंपनी स्प्रिंकलर के साथ हुए अनुबंध को रद्द करने का अनुरोध किया गया है। उच्च न्यायालय ने सवाल किया कि समझौते में विवादों के निपटारे के लिए विदेशी न्याय क्षेत्राधिकार को क्यों शामिल किया गया।

न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन और न्यायमूर्ति टी आर रवि की खंडपीठ ने तीसरे पक्ष द्वारा कोविड-19 के मरीजों से संबंधित आंकड़ों का विश्लेषण कराए जाने पर गोपनीयता को लेकर चिंता जताते हुए जानना चाहा कि अनुबंध को अंतिम रूप देने से पहले विधि विभाग की मंजूरी क्यों नहीं ली गई।

अदालत ने महामारी के खिलाफ राज्य सरकार के मुकाबले की प्रशंसा की लेकिन कहा कि वह आंकड़े की गोपनीयता को लेकर चिंतित है।

अदालत ने साथ ही सरकार को यह समझाने का निर्देश दिया कि उसने ऐसे कार्य के लिए किसी विदेशी कंपनी को संलग्न क्यों किया जब यह करने के लिए सरकारी आईटी इकाइयां मौजूद थीं।

अदालत ने कहा कि किसी नागरिक को राज्य सरकार और विदेशी कंपनी के बीच हुए समझौते की जानकारी नहीं है। अदालत ने कहा कि यदि कंपनी आंकड़े का दुरुपयोग करती है तो राज्य सरकार जिम्मेदार होगी।

जब राज्य सरकार के वकील ने कहा कि एकत्रित आंकड़ों में संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी शामिल नहीं होगी, तो पीठ ने कहा कि वर्तमान दुनिया में डेटा गोपनीयता सबसे महत्वपूर्ण है।

राज्य सरकार ने कहा कि स्प्रिंकलर के साथ हुए अनुबंध में डेटा सुरक्षा के लिए सुरक्षा उपाय हैं।

याचिकाकर्ता बी. गोपालकृष्णन ने अपनी अर्जी में कहा कि राज्य में जिस तरह से कोविड-19 मरीजों के बारे में डेटा एकत्रित, संग्रहीत और उसे विश्लेषण किया जा रहा है, वह उसे लेकिर चिंतित हैं।

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