नयी दिल्ली, 27 जून राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले 10 साल के दौरान देश की उपलब्धियों और विकास का आधार गरीबों का सशक्तीकरण रहा है तथा उनकी सरकार ने पहली बार गरीबों को अहसास कराया कि वह उनकी सेवा में है।
मुर्मू ने 18वीं लोकसभा में पहली बार संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने गरीबों के जीवन की गरिमा से लेकर उनके स्वास्थ्य तक को राष्ट्रीय महत्व का विषय बनाया है।
उन्होंने अपने अभिभाषण में कहा, ‘‘मेरी सरकार ने पहली बार गरीब को यह अहसास करवाया कि सरकार उसकी सेवा में है।’’
मुर्मू ने कहा कि बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर का मानना था कि किसी भी समाज की प्रगति समाज के निचले तबकों की प्रगति पर निर्भर करती है और पिछले 10 वर्षों में राष्ट्र की उपलब्धियों और विकास का आधार गरीब का सशक्तीकरण रहा है।
उन्होंने कोरोना वायरस महामारी के चुनौतीभरे दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने उस कठिन समय में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने के लिए पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ उन परिवारों को भी मिल रहा है जो गरीबी से बाहर निकले हैं, ताकि उनके कदम वापस पीछे नहीं जाएं।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘स्वच्छ भारत अभियान ने भी गरीब के जीवन की गरिमा से लेकर उसके स्वास्थ्य तक को राष्ट्रीय महत्व का विषय बनाया है।’’
पहली बार देश में सरकार द्वारा करोड़ों गरीबों के लिए शौचालय बनाए जाने का उल्लेख करते हुए मुर्मू ने कहा, ‘‘ये प्रयास हमें आश्वस्त करते हैं कि देश आज महात्मा गांधी के आदर्शों का सच्चे अर्थों में अनुसरण कर रहा है।’’
उन्होंने कहा कि सरकार 55 करोड़ लाभार्थियों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस क्षेत्र में एक और निर्णय लेने जा रही है और अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को भी आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ मिलेगा।
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