जरुरी जानकारी | सरकार ने पशुधन क्षेत्र में एमएसएमई के लिए ऋण गारंटी योजना शुरू की

नयी दिल्ली, 20 जुलाई पशुपालन और डेयरी विभाग ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह पशुधन क्षेत्र में लगे एमएसएमई के लिए धन के प्रवाह को सुविधाजनक बनाने के लिए ऋण गारंटी योजना लागू कर रहा है।

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला विभाग पशुपालन बुनियादी ढांचा विकास निधि (एएचआईडीएफ) के तहत क्रेडिट गारंटी योजना लागू कर रहा है।

इस योजना का उद्देश्य ऋण वितरण प्रणाली को मजबूत करना और पशुधन क्षेत्र में लगे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बिना किसी गारंटी के सुचारू प्रवाह की सुविधा प्रदान करना है।

एक सरकारी बयान में कहा गया है, ‘‘योजना के संचालन के लिए, विभाग ने 750 करोड़ रुपये का ऋण गारंटी कोष ट्रस्ट स्थापित किया है, जो पात्र ऋण संस्थानों द्वारा एमएसएमई को दी जाने वाली क्रेडिट सुविधाओं के 25 प्रतिशत तक क्रेडिट गारंटी कवरेज प्रदान करेगा।"

क्रेडिट गारंटी योजना गैर-सेवारत और अल्प-सेवा वाले पशुधन क्षेत्र के लिए वित्त तक पहुंच की सुविधा प्रदान करती है, जिससे मुख्य रूप से पहली पीढ़ी के उद्यमियों और समाज के वंचित वर्ग को ऋणदाताओं से वित्तीय सहायता की उपलब्धता होती है।

एएचआईडीएफ योजना की मुख्य विशेषताएं तीन प्रतिशत ब्याज छूट और किसी भी अनुसूचित बैंक, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) से कुल परियोजना लागत का 90 प्रतिशत तक ऋण है।

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