नयी दिल्ली, 14 मार्च सरकार ने सोमवार को चालू वित्त वर्ष के लिये अनुदान की अनुपूरक मांग के तीसरे बैच में 1.07 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय के लिए संसद की मंजूरी मांगी। इसमें उर्वरक सब्सिडी के भुगतान के लिये 14,902 करोड़ रूपये शामिल हैं ।
लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के अनुदान की अनुपूरक मांगों के तीसरे एवं अंतिम बैच को दर्शाने वाला विवरण पेश किया।
निचले सदन में पेश अनुदान की अनुपूरक मांगों के तीसरे बैच के दस्तावेज के अनुसार, इसके तहत 1.58 लाख करोड़ रूपये के सकल अतिरिक्त व्यय के लिये मंजूरी मांगी गई है।
इसमें 1.07 लाख करोड़ रूपये निवल नकद व्यय के रूप में है जबकि विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों की बचत और बढ़ी हुई प्राप्तियों या वसूलियों के जरिये 50,946 करोड़ रूपये का प्रावधान किया जायेगा।
अनुपूरक मांगों के दस्तावेज के अनुसार, सरकार ने उर्वरक सब्सिडी के भुगतान के लिये 14,902 करोड़ रूपये तथा नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवेलपमेंट में पूंजी डालने के लिये 13,049 करोड़ रूपये का अतिरिक्त कोष मांगा है। इसमें 5000 हजार करोड़ रूपये की अनुदान सहायता शामिल है।
इसके अतिरिक्त सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों के पुन:पूंजीकरण के लिये 5000 करोड़ रूपये मांगे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की चार सामान्य बीमा कंपनियां हैं जिनमें न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंश कंपनी लिमिटेड, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंश कंपनी लिमिटेड तथा ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड शामिल हैं।
सरकार ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के पुन: पूंजीकरण के लिये भी निधियों की मांग की है।
राज्यसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के तीसरे बैच और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के लिये वर्ष 2022-23 का बजट पेश किया ।
गौरतलब है कि इसके साथ ही वर्ष 2021-22 के लिये केंद्र सरकार का व्यय 37.70 लाख करोड़ रूपया (संशोधित अनुमान) हो गया है जो बजट अनुमान 34.83 लाख करोड़ रूपये से अधिक है।
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