नयी दिल्ली, 28 जुलाई सरकार ने बृहस्पतिवार को इस बात से इनकार किया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) पिछले दिनों पवित्र अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की घटना का सटीक पूर्वानुमान देने में असफल रहा है। इसके साथ ही सरकार ने कहा कि आठ जुलाई को क्षेत्र के ऊपर तीव्र एवं अचानक बारिश हुई थी लेकिन वह घटना बादल फटने के मानदंडों को पूरा नहीं करती।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आठ जुलाई को शाम में 1730 से 1830 बजे के बीच पवित्र गुफा के पास अत्यधिक वर्षा हुई थी, जो अत्यन्त छोटे क्षेत्र में हुई थी। उन्होंने कहा कि पवित्र गुफा से 50 मीटर नीचे स्थित भारत मौसम विज्ञान विभाग के स्वचालित मौसम केन्द्र (एडब्ल्यूएस) ने एक घंटे के भीतर 25 मिमी वर्षा दर्ज की थी।
सिंह ने कहा, ‘‘यह क्षेत्र के ऊपर एक अल्पावधि की व तीव्र एवं अचानक बरसात थी। हालांकि, यह घटना बादल फटने के मानदंडों को पूरा नहीं करती है। बादल फटने की घटना तब मानी जाती है जब लगभग 20-30 वर्ग किमी के भौगोलिक क्षेत्र में 10 सेमी प्रति घंटा या उससे अधिक दर से वर्षा होती है।’’
उन्होंने कहा कि भारी बारिश और ऊपरी इलाकों से प्रवाह-दोनों के मिलने से पवित्र अमरनाथ गुफा के पास अचानक बाढ़ आ गई। उन्होंने कहा कि आठ जुलाई को यात्रा प्रबंधक ने आईएमडी के परामर्श के अनुसार सुबह पांच बजे यात्रा की अनुमति दी थी और एक घंटे की तेज वर्षा से पहले तक, मौसम सुहाना था इसलिए यात्रा पूरे दिन अच्छी तरह से चली।
सिंह ने कहा कि घटना की अवधि के दौरान क्षेत्र में कम तीव्रता से वर्षा होने का पूर्वानुमान आईएमडी द्वारा व्यक्त किया गया था और दुनिया भर में कहीं भी बादल फटने की घटना का पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता है।
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