देश की खबरें | हमारे प्रदर्शन को रोकने के लिए सरकार ने पार्टी मुख्यालय को छावनी में बदला, हम नहीं झुकेंगे: कांग्रेस

नयी दिल्ली, तीन अगस्त कांग्रेस ने बुधवार को दावा किया कि महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ पांच अगस्त को प्रस्तावित उसके प्रदर्शन को विफल करने के मकसद से नरेंद्र मोदी सरकार ने उसके मुख्यालय को ‘छावनी में तब्दील’ करवा दिया है जो प्रतिशोध और धमकी की राजनीति है।

मुख्य विपक्षी दल ने यह दावा भी किया कि एक ‘भयभीत सरकार’ के इशारे पर पुलिस ने उसके मुख्यालय के साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के आवासों को भी ‘घेर रखा है’।

दूसरी तरफ, पुलिस का कहना है कि ऐसी सूचना मिली थी कि कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शनकारी जमा हो सकते हैं, इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया गया ताकि कोई अवांछित परिस्थिति न पैदा हो।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह प्रतिशोध की राजनीति है। यह धमकी की राजनीति है। एक कहावत है कि विनाशकाले विपरीत बुद्धि। यह विनाशकाल है। महंगाई है, बेरोजगारी है।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘यह बिल्कुल साफ है कि प्रधानमंत्री प्रतिशोध की राजनीति, धमकी की राजनीति में विश्वास करते हैं।’’

रमेश ने कहा, ‘‘पांच अगस्त को हमारा प्रदर्शन जरूर होगा। मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ हम प्रदर्शन करेंगे। ‘हम दो, हमारे दो’ वाली सरकार के खिलाफ हम आवाज उठाएंगे।’’

कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा, ‘‘पांच अगस्त को महंगाई, बेरोजगारी और खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन का फैसला हुआ। आज डीसीपी की तरफ से पत्र आया कि आप लोग कोई प्रदर्शन नहीं कर सकते। आज शाम को कांग्रेस मुख्यालय को छावनी में तब्दील कर दिया गया।’’

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