नयी दिल्ली, 27 अगस्त सरकार ने ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना को लागू करने के लिए सोमवार को राज्यों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
इस योजना का मकसद पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की मदद करना है और इसकी कुल राशि 13,000 करोड़ रुपये है।
यह योजना 17 सितंबर को पेश होगी और इसे तीन मंत्रालयों - एमएसएमई, कौशल विकास और वित्त मंत्रालय द्वारा लागू किया जाएगा।
एक अधिकारी ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत चालू वित्त वर्ष में तीन लाख से अधिक लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा, ‘‘कौशल मंत्रालय ने 28 अगस्त को एक बैठक बुलाई है। इसमें राज्यों के प्रमुख सचिवों, बैंकों के प्रबंध निदेशकों और एसएलबीसी प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।’’
अधिकारी ने कहा, ‘‘बैठक में पीएम विश्वकर्मा योजना को लागू करने के मसौदे और योजना के लाभार्थियों की पहचान करने की प्रक्रिया पर चर्चा होगी।’’
योजना के तहत कुशल कामगारों को उनका कौशल बढ़ाने के लिए 4-5 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद वे कर्ज लेने के पात्र होंगे।
अधिकारी ने कहा, ‘‘चालू वित्त वर्ष में हमने तीन लाख लाभार्थियों को कर्ज देने का लक्ष्य रखा है।’’ योजना के तहत विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा।’’
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