नयी दिल्ली, 21 जून मुख्य राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने भारतीय खिलाड़ी एच एस प्रणय के नाम की सिफारिश अर्जुन पुरस्कार के लिये की है क्योंकि भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने अनुशासनात्मक मुद्दों के कारण लगातार दूसरे वर्ष उनकी अनदेखी की।
दो जून को बीएआई ने सत्विकसाईराज रंकीरेड्डी, चिराग शेट्टी और समीर वर्मा के नाम अर्जुन पुरस्कार के लिये भेजे थे जिससे बाद प्रणय ने ट्विटर पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी।
प्रणय ने अब यह ट्वीट डिलीट कर दिया है, जिसमें उन्होंने लिखा था, ‘‘वही पुरानी कहानी। राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई चैम्पियनशिप में जिस खिलाड़ी ने पदक जीते, उसके नाम की सिफारिश संघ ने नहीं की। और जो खिलाड़ी इनमें से किसी भी बड़े टूर्नामेंट में नहीं थे, उनके नाम की सिफारिश की गयी। वाह, यह देश एक मजाक है। ’’
अब पता चला है कि गोपीचंद ने तीन जून को प्रणय के नाम की सिफारिश की क्योंकि खेल रत्न पुरस्कार हासिल करने वाला व्यक्ति ऐसा कर सकता है।
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इसकी जानकारी रखने वाले एक करीबी सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘बीएआई के उसका नाम नहीं भेजने का फैसला करने के बाद गोपीचंद ने तीन जून को अर्जुन पुरस्कार के लिये प्रणय के नाम की सिफारिश की। उन्होंने ऐसा किया क्योंकि वह खेल रत्न प्राप्त कर चुके हैं, उन्होंने भारत के मुख्य कोच के तौर पर ऐसा नहीं किया। वह अनुशासनात्मक मुद्दों के बारे में नहीं जानते थे। ’’
गोपीचंद ने हालांकि इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जबकि प्रणय से संपर्क करने की कोशिश नाकाम रही।
शुक्रवार को प्रणय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उनसे बीएआई के खिलाफ अपनी नाराजगी का 15 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया।
बीएआई के सचिव अजय सिंघानिया ने कहा था, ‘‘प्रणय के साथ कई अनुशासनात्मक मुद्दे हो चुके हैं। महासंघ अभी तक बहुत कुछ सहता आया लेकिन हाल में उनके रवैये ने बीएआई को कार्रवाई करने को बाध्य कर दिया। ’’
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