मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि वर्मा ने शनिवार को सम्बंधित महिला चिकित्सक को ऑपरेशन इलाज नहीं करने का निर्देश देते हुए उनके नाम पर पंजीकृत नर्सिंग होम के विरुद्ध भी कार्रवाई शुरू कर की।
मोतीगंज थाना क्षेत्र के डड़वा दसौतिया निवासी वाचस्पति मिश्र ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी शशि मिश्रा के गर्भावस्था के दौरान डॉ. विजय लक्ष्मी सक्सेना से इलाज कराया था।
मिश्रा ने बताया कि प्रसव काल के समय उन्होंने सामान्य प्रसव का आश्वासन देकर अपने नर्सिंग होम में भर्ती कर लिया और बाद में आपरेशन अपरिहार्य बताते हुए ऑपरेशन कर दिया। आपरेशन से बच्ची पैदा हुई तो उन्होंने हालत गंभीर बताकर दूसरे नर्सिंग होम में भेज दिया।
उन्होंने बताया कि वहां के चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि डॉक्टर द्वारा गलत ऑपरेशन करने की वजह से मरीज की जान भी जोखिम में है। बच्चेदानी निकालकर जान बचाई जा सकती है। मिश्र ने बताया कि उन्होंने बच्चेदानी भी निकलवा दी। इसके कुछ दिन बाद इलाज के दौरान ही मेरी पत्नी की मौत हो गई।
मिश्रा ने बताया कि अदालत के आदेश पर थाने में आपराधिक अभियोग भी दर्ज कराया गया था।
डॉ. वर्मा ने इस बारे में पूछे जाने पर बताया कि भारतीय चिकित्सा परिषद ने डॉ. विजय लक्ष्मी सक्सेना का पंजीकरण छह माह के लिए निलम्बित कर दिया है।साथ ही उनके इलाज करने पर रोक लगा दी है।
डॉ. वर्मा ने कहा कि परिषद के निर्देशों का उल्लंघन करने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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