पणजी, 28 सितंबर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोमवार को सत्तारी तालुका के ग्रामीणों से मुलाकात की जो इस क्षेत्र में आईआईटी खोले जाने का विरोध कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से कहा कि इस परियोजना के लिए उनकी कृषि जमीन अधिग्रहित की जा रही है और इससे उनके पास आय का कोई स्रोत नहीं रह जाएगा। इस मुलाकात के दौरान सावंत के साथ स्थानीय विधायक एवं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे भी थे।
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अधिकारियों ने बताया कि आईआईटी पणजी से करीब 50 किलोमीटर दूर शेल मालुली और गुलेली गांवों में 10 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में स्थापित किये जाने का प्रस्ताव है।
सावंत ने ग्रामीणों के साथ बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘ राज्य सरकार ने ग्रामीणों को वादा किया है कि यदि उनके भूखंड अधिग्रहीत किये जाएंगे तो उन्हें वैकल्पिक जमीन दी जाएगी। हमने परियोजना के लिए पहले ही करीब 40000 वर्गमीटर जमीन की पहचान कर ली है।’’
उन्होंने कहा कि यह परियोजना राष्ट्रीय गर्व का विषय है और राज्य सरकार किसानों को राजी करने के लिए ‘किसी भी प्रकार का मुआवजा देगी।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों और क्लक्टर कार्यालय के अधिकारियों के बीच समन्वय के लिए चार सदस्यीय समिति बनायी गयी है।
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