पणजी, 26 फरवरी कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर भीड़ को कम करने के लिए पिछले साल मई में गोवा की जेल से पैरोल पर रिहा किए गए 61 दोषियों में से 18 समय से पहले खुद ही लौट आए हैं जबकि 43 अन्य अब भी पैरोल पर हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि जेल में लौटे कैदियों ने सामाजिक दबाव और आर्थिक तंगी समेत विभिन्न कारणों से ऐसा किया है।
जेल के एक अधिकारी ने कहा, "मई 2021 में, जब कोविड-19 ने एक बार फिर कहर बरपाना शुरू किया था, तो उत्तरी गोवा के कोलवाले में स्थित राज्य की एकमात्र केंद्रीय जेल में आधे से अधिक दोषियों को भीड़भाड़ से बचने के लिए पैरोल पर रिहा कर दिया गया था।''
उन्होंने कहा, "कुल 110 में से 61 दोषियों को जेल में उनके आचरण के आधार पर पैरोल दी गई थी। उनमें से अब तक 18 पैरोल की अवधि पूरी होने से पहले ही जेल लौट आए हैं।''
अधिकारी ने कहा कि शेष कैदी अब भी पैरोल पर हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों को दी गई पैरोल की अवधि कई बार बढ़ाई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति, जिसमें जेल महानिरीक्षक शामिल हैं, जल्दी ही पैरोल पर फैसला करने के लिए एक बैठक करेगी क्योंकि कोविड-19 की स्थिति नियंत्रण में है।
उन्होंने कहा, "इसे अधिकतम और एक महीने के लिए बढ़ाया जा सकता है तथा एक बार यह अवधि समाप्त हो जाने के बाद, दोषियों को जेल लौटना होगा।"
उन्होंने कहा कि विचाराधीन कैदियों को आजादी नहीं दी गई थी, हालांकि कई मामलों में अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी थी और आदेश के आधार पर उन्हें एक या दो महीने के लिए जेल से बाहर रहने की अनुमति दी गई थी।
जेल प्रबंधन ने कोविड-19 पाबंदियों के कारण कैदियों के रिश्तेदारों को सप्ताह में दो बार उनसे मिलने की अनुमति देने की प्रथा को रोक दिया है।
अधिकारी ने कहा कि उच्चाधिकार प्राप्त समिति इसे फिर से शुरू करने पर भी विचार कर सकती है।
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