विदेश की खबरें | जर्मन चांसलर के मुख्य प्रतिद्वंद्वी ने चाकू हमले की घटना के बीच कड़े आव्रजन नियमों की जरूरत बताई
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

मर्ज ने यह बयान एक व्यक्ति द्वारा उसके शरण का आवेदन खारिज किए जाने के बाद चाकू से हमला करने की पृष्ठभूमि में आया है। यह हमला चुनाव प्रचार अभियान के दौरान किया गया जिसमें मर्ज दावेदार हैं।

बवेरियन शहर अशाफेनबर्ग में बुधवार को इस हमले में दो साल के एक बच्चे सहित दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य लोग घायल हो गए। इस घटना के संदिग्ध को कुछ ही देर बाद गिरफ्तार कर लिया गया। वह 28 वर्षीय अफगान नागरिक है, जिसका मानसिक समस्याओं और हिंसा का इतिहास है और जिसने एक महीने पहले कहा था कि वह स्वेच्छा से जर्मनी छोड़ देगा।

इस मामले में संघीय आव्रजन कार्यालय पर अंगुलि उठाते हुए बवेरियन अधिकारियों ने कहा कि उस व्यक्ति के शरण आवेदन को 2023 में खारिज कर दिया गया था और अधिकारी उसे बुल्गारिया वापस भेजने में विफल रहे, जहां वह यूरोपीय संघ में पहली बार पहुंचा था।

चांसलर ओलाफ शोल्ज की मध्य-वामपंथी पार्टी जर्मनी में 23 फरवरी को होने वाले चुनाव से पहले पीछे चल रही है। शोल्ज ने बुधवार शाम को देश की सुरक्षा सेवाओं के प्रमुखों से मुलाकात की और कहा कि वे ‘‘आवश्यक परिणाम हासिल करेंगे। अभी।’’

हालांकि उन्होंने इस पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

चुनाव में उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी मर्ज हैं जिनके मध्य-दक्षिणपंथी यूनियन गठबंधन ने चुनावों में बढ़त हासिल की है। उन्होंने आप्रवासन नीति को सख्त करने के लिए अपनी पार्टी के संकल्प को दोहराया है।

उन्होंने कहा कि जर्मनी में 10 वर्षों से ‘भ्रामक शरण और आव्रजन नीति’ रही है।

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