जरुरी जानकारी | समावेशन में चुनौतियां पैदा कर रहे भू-राजनीतिक विखंडन, जलवायु परिवर्तन: उद्योग जगत

नयी दिल्ली, 26 अगस्त उद्योग जगत के लोगों ने शनिवार को कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक विखंडन, बढ़ता व्यापार संरक्षणवाद और जलवायु परिवर्तन समावेशन के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा कर रहे हैं।

यहां बी-20 सम्मेलन 2023 में एक समूह चर्चा में टाटा संस की मुख्य अर्थशास्त्री रूपा पुरुषोत्तमन ने कहा कि पिछले कुछ दशकों के दौरान जहां कुछ देशों के बीच असमानता घट रही है, वहीं कुछ देशों के बीच यह तेजी से बढ़ी है।

उन्होंने चर्चा का संचालन करते हुए कहा, “हम ऐसे रुझानों को देख रहे हैं, जो वास्तव में समावेशन के लिए गंभीर चुनौतियां पेश कर रहे हैं।”

पुरुषोतमन ने कहा, “दूसरी बड़ी बात जलवायु है, क्योंकि जब भी हम जलवायु प्रभाव, मौसम की असाधारण घटनाओं के बारे में सोचते हैं, तो ये चीजें सबसे कमजोर लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रही हैं।”

इसी तरह की भावनाएं साझा करते हुए इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव जॉन डेंटन ने कहा कि असमानता कम नहीं हो रही है और यूक्रेन-रूस युद्ध के वैश्विक प्रभावों ने भी असमानता को बढ़ा दिया है।

उन्होंने कहा, “इससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं को काफी नुकसान हो रहा है।”

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