जयपुर, 22 जुलाई राजस्थान में जारी राजनीतिक संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा ।
इस पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि राजस्थान की निर्वाचित सरकार को गिराने का प्रयास हो रहा है और इस षड्यंत्र में एक केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं।
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पत्र में उन्होंने लिखा है, ‘'कोविड-19 महामारी के इस दौर में जीवन रक्षा ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में राजस्थान में चुनी हुई सरकार को गिराने का कुप्रयास किया जा रहा है। इस कृत्य में केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, भाजपा के अन्य नेता एवं हमारी पार्टी के कुछ अति महत्वाकांक्षी नेता भी शामिल हैं।'’
गहलोत ने पत्र में कहा है ‘'मैं आपका ध्यान राज्य में चुनी हुई सरकारों को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत खरीद-फरोख्त के माध्यम से गिराने के लिये किये जा रहे कुत्सित प्रयासों की ओर आकृष्ट करना चाहूंगा।’’
पत्र में कहा गया है , ‘‘हमारे संविधान में बहुदलीय व्यवस्था के कारण राज्यों एवं केन्द्र में अलग-अलग दलों की सरकारें चुनी जाती रही हैं। यह हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है कि इन सरकारों ने दलगत राजनीति से उपर उठकर लोकहित को सर्वोपरी रखते हुए कार्य किया।’’
पत्र में कहा गया, ‘‘पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार द्वारा 1985 में बनाए गए दल—बदल निरोधक कानून एवं अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा किये गये संशोधन की भावनाओं तथा जनहित को दरकिनार कर पिछले कुछ समय से लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई राज्य सरकारों को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है। यह जनता का घोर अपमान और संवैधानिक मूल्यों की खुली अवहेलना है। कर्नाटक एवं मध्यप्रदेश में हुए घटनाक्रम इसके उदाहरण है।’’
गहलोत ने लिखा है, ‘‘मुझे इस बात का हमेशा अफसोस रहेगा कि आज जहां आम जनता के जीवन एवं आजीविका को बचाने की जिम्मेदारी केन्द्र व राज्य सरकारों की है, उस बीच में केन्द्र में सत्ता पक्ष कैसे कोरोना प्रबंधन की प्राथमिकता छोड़कर कांग्रेस की राज्य सरकार को गिराने के षड्यंत्र में मुख्य भागीदारी निभा सकता है।’’
उन्होंने लिखा है, ‘‘ऐसे ही आरोप पूर्व में मध्यप्रदेश सरकार गिराने के वक्त लगे थे एवं आपकी पार्टी की देशभर में बदनामी हुई थी।’’
गहलोत के अनुसार, ‘‘मुझे झात नहीं है कि किस हद तक यह सब आपकी जानकारी में है अथवा आपको गुमराह किया जा रहा है। इतिहास ऐसे कृत्य में भागीदार बनने वालों को कभी माफ नहीं करेगा।’’
गहलोत ने लिखा है, ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि अंतत: सच्चाई के साथ-साथ स्वस्थ लोकतांत्रिक परम्पराओं एवं संवैधानिक मूल्यों की जीत होगी और हमारी सरकार सुशासन देते हुए अपना कार्यकाल पूरा करेगी।’’
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