जयपुर, 22 नवंबर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के लोक कलाकारों के समर्थन के लिए 'पधारो म्हारे देस' डिजिटल कोविड रीलीफ कॉन्सर्ट सीरीज़ का रविवार को उद्दघाटन किया।
इस अवसर पर गहलोत ने कहा कि यह पहल कई महीनों तक नियमित आजीविका से वंचित कलाकार समुदाय का समर्थन करेगी।
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उन्होंने कहा कि कई लोक कलाकार आजीविका के लिए पूरी तरह से अपनी कला पर निर्भर हैं।
गहलोत ने कहा कि कोरोना वायरस संकट के दौरान ऐसे लोक कलाकारों का समर्थन करने के लिए यह एक अनूठी अवधारणा है; इस तरह की पहल राज्य में कला शैली के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और डिजिटल पर्यटन को बढ़ावा दे सकती है।
यह पहल राजस्थान की गायिका मनीशा ए. अग्रवाल की संस्था अर्पण फाउन्डेशन की है, जो राजस्थान राज्य के लोक कलाकारों का समर्थन करती है।
कॉन्सर्ट सीरीज़ में भाग लेने वाले कलाकारों में, महेशा राम एवं समूह - जैसलमेर के मेघवाल, मूमल के लिए प्रसिद्ध बापू खान मिसारी, जोधपुर के लंगास, बून्दू खान और बैंड, चाला मामा प्रोजेक्ट के थानू खान और तारिफ खान, जोधपुर से कालबेलियों की गायन अनुभूति, सुगनी देवी, मेहबूब खान लांगा एवं अन्य शामिल हैं।
इस श्रृंखला में जोधपुर, जैसलमेर एवं बाड़मेर के सुदूर भागों के 70 से अधिक कलाकार प्रदर्शन में शामिल होंगे।
अग्रवाल ने एक बयान में बताया कि अर्पन फाउन्डेशन राजस्थान के लोक कलाकारों के साथ काम करना एवं समर्थन करना जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि हमने 70 लोक कलाकारों में प्रत्येक कलाकार को नम्र आर्थिक सहायता प्रदान की है।
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