Jur Sital 2026 Wishes: जुड़ शीतल के इन मनमोहक WhatsApp Status, HD Images, GIF Greetings, Wallpapers के जरिए दें मैथिली नववर्ष की बधाई
जुड़ शीतल 2026 (Photo Credits: File Image)

Jur Sital/Maithili New Year 2026 Wishes in Hindi: बिहार (Bihar) के मिथिलांचल क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का प्रतीक 'जुड़ शीतल' (Jur Sital) का त्योहार इस साल 14 अप्रैल 2026 को मनाया जा रहा है. मैथिली समाज के लिए यह दिन नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है, जिसे 'मैथिली नववर्ष' (Maithili New Year) भी कहा जाता है. 'जुड़ शीतल' का शाब्दिक अर्थ शीतलता की प्राप्ति है, जो भीषण गर्मी के मौसम में तन और मन को शांति प्रदान करने की कामना से जुड़ा है.

यह पर्व मुख्य रूप से दो चरणों में मनाया जाता है. उत्सव के पहले दिन को 'सतुआइन' कहा जाता है, जिसमें सत्तू का विशेष महत्व होता है. वहीं, दूसरे दिन को 'धुरखेल' के नाम से जाना जाता है। इस दौरान लोग मिट्टी और पानी के साथ पारंपरिक तरीके से खुशियाँ मनाते हैं.

जुड़ शीतल के दिन घर के बुजुर्ग अपने से छोटों के सिर पर बासी पानी डालते हैं और 'जुड़ैल रहु' का आशीर्वाद देते हैं. यह रस्म आने वाली भीषण गर्मी से सुरक्षा और जीवन में शांति का प्रतीक मानी जाती है. वहीं, आप इस पावन अवसर पर इन मनमोहक विशेज, वॉट्सऐप स्टेटस, एचडी इमेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉलपेपर्स के जरिए मैथिली नववर्ष की अपनों को बधाई दे सकते हैं.

1- जुड़ शीतल की शुभकामनाएं

जुड़ शीतल 2026 (Photo Credits: File Image)

2- मैथिली नव वर्ष की बधाई

जुड़ शीतल 2026 (Photo Credits: File Image)

3- जुड़ शीतल की हार्दिक बधाई

जुड़ शीतल 2026 (Photo Credits: File Image)

4- हैप्पी जुड़ शीतल

जुड़ शीतल 2026 (Photo Credits: File Image)

5- हैप्पी मैथिली न्यू ईयर

जुड़ शीतल 2026 (Photo Credits: File Image)

जिस प्रकार बिहार में छठ महापर्व में सूर्य और चौरचन में चंद्रमा की आराधना की जाती है, उसी तरह जुड़ शीतल पर जल की पूजा का विशेष विधान है. इस दिन लोग कुओं, तालाबों और अन्य जल स्रोतों की सफाई करते हैं. वर्षा ऋतु के आने तक पेड़ों को नियमित रूप से सींचने का संकल्प लिया जाता है. संध्या के समय पेड़-पौधों में जल डाला जाता है, जो इस भावना को दर्शाता है कि प्रकृति भी परिवार का अभिन्न अंग है.

जुड़ शीतल की एक अनूठी परंपरा यह है कि सतुआइन के अगले दिन घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता है. इसके लिए भोजन एक दिन पहले ही तैयार कर लिया जाता है. अगले दिन लोग सत्तू और बेसन से बना बासी भोजन ग्रहण करते हैं. वैज्ञानिक रूप से भी गर्मियों में सत्तू और बेसन का सेवन सेहतमंद माना जाता है, क्योंकि ये जल्दी खराब नहीं होते.