नयी दिल्ली, 20 अगस्त केंद्रीय मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने बृहस्पतिवार को श्रम ब्यूरो का पूर्णतया डिजिटलीकरण किये जाने का आह्वान किया ताकि इसकी पहुंच का विस्तार किया जाए।
श्रम मंत्रालय के एक प्रकोष्ठ, श्रम ब्यूरो के नए ‘लोगो’ (प्रतीक चिन्ह) को जारी करने के मौके पर मंत्री ने यह टिप्पणी की।
श्रम मंत्रालय के एक बयान में गंगवार ने ब्यूरो से कहा कि वह अपनी कामकाज की पूरी प्रक्रियाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण और अपने दैनिक कामकात में आंकड़ों के विश्लेषण और कृत्रिम बौद्धिकता के इस्तेमाल के जरिये अपनी पहुंच का विस्तार करे।
उन्होंने कहा कि ब्यूरो की पहुंच को बढ़ाने के लिए देश में और अधिक क्षेत्रीय कार्यालय खोले जाएंगे।
मंत्री ने यह भी कहा कि सदियों पुराने 44 श्रम कानूनों को चार संहिताओं में शामिल किया जा रहा है, इसमें से पहले से ही वेतन संहिता को पहले ही लागू किया जा चुका है तथा सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंध और व्यावसायिक सुरक्षा तथा स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियों पर अन्य तीन संहिताओं को पहले ही लोकसभा में पेश किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि इन संहिताओं के लागू हो जाने के बाद, 'कारोबार सुगमता' के संदर्भ में भारत की रैंकिंग और बेहतर हो जाएगी और भारत निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य बन जाएगा।
नया प्रतीक चिन्ह इस बात को दर्शाता है कि श्रम ब्यूरो एक डेटा-आधारित संगठन है जो श्रमिकों और काम से संबंधित आंकड़ों को पर ध्यान देता है।
उन्होंने कहा कि यह ‘लोगो’ सत्यता, वैधता और विश्वसनीयता के तीन लक्ष्यों का भी प्रतिनिधित्व करता है।
श्रम ब्यूरो की स्थापना 1941 में शिमला में ‘रहन सहन लागत’ निदेशालय के रूप में की गई थी, जिसका उद्देश्य पारिवारिक बजट के बारे में जानकारियां रखना तथा एक समान रूप से देश के महत्वपूर्ण केंद्रों के रहन सहन की लागत सूचकांक को एकत्रित करना था।
राजेश
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