जरुरी जानकारी | गेल तीन साल में 30,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी

नयी दिल्ली, 23 अगस्त भारत की सबसे बड़ी गैस कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड की अगले तीन साल में 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना है।

कंपनी के चेयरमैन संदीप कुमार गुप्ता ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कंपनी अपनी पेट्रोरसायन क्षमता का विस्तार कर रही है और वैश्विक स्तर पर एलएनजी आपूर्ति की संभावनाएं तलाश कर रही है।

देश की शीर्ष गैस विपणन और गैस परिवहन कंपनी तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) को परिवहन ईंधन के रूप में देख रही है। एस्सार प्रवर्तित ग्रीनलाइन देश में एलएनजी से चलने वाले भारी वाणिज्यिक वाहनों के सबसे बड़े बेड़े का परिचालन करती है और गेल भी इस कतार में शामिल होने को तैयार है।

गुप्ता ने कंपनी के शेयरधारकों की वार्षिक बैठक में कहा कि बीते वित्त वर्ष में कंपनी का पूंजीगत व्यय 10,000 करोड़ रुपये था।

उन्होंने कहा, “कंपनी लगातार बढ़ रही है और पूरे देश में बुनियादी सुविधाएं तैयार कर रही है। हम अगले तीन साल में 30,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय करने का लक्ष्य बना रहे हैं। यह मुख्य रूप से पाइपलाइन, पेट्रोरसायन परियोजनाओं, सीजीडी परियोजनाओं, परिचालन पूंजीगत व्यय, समूह की कंपनियों में इक्विटी योगदान आदि पर होगा।”

उन्होंने कहा कि 15,600 किलोमीटर पाइपलाइन परिचालन में है और लगभग 4,200 किलोमीटर का निर्माण चल रहा है। इसे देखते हुए गेल 2024 में लगभग 20,000 किलोमीटर का राष्ट्रीय गैस ग्रिड तैयार कर देगी।

गेल को 160 किलोमीटर की गुरदासपुर-जम्मू प्राकृतिक गैस पाइपलाइन बिछाने, बनाने और परिचालन का लाइसेंस भी मिल गया है।

गुप्ता ने कहा कि भारत की पेट्रोरसायन की मांग बढ़ रही है। अगले दशक में पेट्रोरसायन में वृद्धिशील वैश्विक वृद्धि में भारत का योगदान 10 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है।

गेल ने हाल ही में निजी क्षेत्र की रसायन कंपनी जेबीएफ पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड का अधिग्रहण किया है, जिससे उसकी पेट्रोलरसायन क्षमता 12.5 लाख टन बढ़ गई है।

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