पणजी, 20 जून दो महत्वपूर्ण पर्यटन ट्रैक कार्यक्रमों के लिए गोवा में एकत्र हुए जी20 प्रतिनिधियों के एक समूह ने ऐतिहासिक अगुआड़ा किले का दौरा किया और तटीय राज्य के पुर्तगाली विरासत लुत्फ उठाया।
यह यात्रा सोमवार शाम को हुई। इस दौरान कई सदस्य देशों और प्रभावशाली गुट के अतिथि राष्ट्रों के प्रतिनिधियों को किले के उस हिस्से का निर्देशित दौरा कराया गया जिसे जेल संग्रहालय में बदल दिया गया है।
जी20 प्रतिनिधियों को कोंकणी स्वाद के साथ जैज संगीत और गोवा के पारंपरिक भोजन जैसे ‘फिश डांगर क्यूसाडिला, चोरिज पाओ, (कटहल का) टोस्टाडा’ और चुनिंदा मिठाइयां भी पेश की गईं।
किले को गोवा पर पुर्तगाली पकड़ कायम रखने के लिए 1612 के आसपास बनाया गया था और यह मांडोवी नदी के मुहाने पर सिंक्वेरिम पहाड़ी पर स्थित है, जो अरब सागर की ओर खुलती है।
यह गोवा में अविजित किलों में से एक है और इसके दो स्तर हैं - ‘अपर फोर्ट अगुआड़ा और लोअर फोर्ट अगुआड़ा’।
पुर्तगाली में ‘अगुआ’ का मतलब पानी होता है और यहां पर स्थापित एक पट्टिका के अनुसार, किले को ऊपरी क्षेत्र में विशाल ताजे पानी के जलाशय ij इसे यह नाम दिया गया है।
‘लोअर फोर्ट अगुआड़ा’ समुद्र तट के साथ स्थित है और 24 तोपों के साथ इसकी किलेबंदी की गई है। यह दृश्य आगंतुकों को दूसरे युग में ले जाता है।
एक अधिकारी ने कहा, “भारत को जहां 1947 में ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता मिली थी, गोवा को 1961 में पुर्तगाली शासन से मुक्त किया गया था, जिसके दौरान औपनिवेशिक शासकों द्वारा जेल के रूप में भी इस किले का उपयोग किया गया था। गोवा की मुक्ति से लेकर हाल ही में 2015 तक इस जगह का इस्तेमाल गोवा के केंद्रीय कारागार के रूप में किया गया था।”
उन्होंने कहा कि अब इस स्थल का एक संग्रहालय और एक सांस्कृतिक व मनोरंजक स्थल के रूप में पुन: उपयोग किया गया है, और इसे जी20 प्रतिनिधियों को दिखाया जा रहा है।
यहां लगाई गई एक पट्टिका में लिखा है कि गोवा मुक्ति दिवस के 60 साल पूरे होने के अवसर पर 19 दिसंबर, 2021 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘फोर्ट अगुआडा जेल संग्रहालय’ का उद्घाटन किया गया था।
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