नयी दिल्ली, 28 अगस्त खाद्य सुरक्षा नियामक एफएसएसएआई ने शुक्रवार को कहा कि उसने गुणवत्ता परीक्षण के लिए देशभर से खाद्य तेलों के 4,500 नमूने एकत्र किए हैं, जिसका उद्देश्य बाजार में मिलावटी खाद्यतेलों की बिक्री पर अंकुश लगाना है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकार (एफएसएसएआई) ने एक बयान में कहा, इस राष्ट्रव्यापी गुणवत्ता सर्वेक्षण का परिणाम एक महीने के भीतर आने की उम्मीद है।
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नियामक ने कहा कि उसने ब्रांडेड और गैर-ब्रांड वाले खाद्य तेलों के नमूनों को लेकर पूरे भारत में मिलावटी खाद्य तेल की बिक्री पर अंकुश लगाने का फैसला किया है।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 25-27 अगस्त के दौरान एक गुणवत्ता सर्वेक्षण किया गया।
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बयान में कहा गया, ‘‘यह राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण, सरसों, नारियल, पाम, जैतून, और मिश्रित तेल सहित खाद्य तेलों की कुल 16 किस्मों के 4,500 नमूनों के साथ पहली बार किया गया।’’
नमूनों को जुटाने का काम लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश, दमन एवं दिव और इसके साथ ही अंडमान तक किया गया है।
वक्तव्य के मुताबिक खाद्य तेलों के नमूने हायपर बाजारों, सुपर बाजारों, खुदरा और किराना स्टोरों से लिये गये हैं। इसमें राष्ट्रीय स्तर के ब्रांड के साथ ही स्थानीय ब्रांड के नमूने भी शामिल हैं।
एफएसएसएआई ने कहा, ‘‘इस नमूना परीक्षा के परिणाम एक माह में आने की उम्मीद है।’’
एफएसएसएआई ने कहा कि यह सर्वेखण राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के जरिये किया गया है। इसमें दिल्ली, मु्रबई, बेंगलूरू, चेन्नई और कालेकाता जैसे महानगरों से खाद्य तेलों से 50 नमूने उठाये गये हैं। इसके अलावा शहरों और जिलों से 6 से 8 नमूने उठाये गये हैं।
राजेश
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