नयी दिल्ली, 20 नवंबर अलग से बनाये जा रहे रेल गलियारे के 40 प्रतिशत हिस्से पर अगले साल से मालगाड़ियां चलना शुरू हो जाएंगी। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (डीएफसीसीआईएल) ने शुक्रवार को एक बयान में यह कहा।
मालगाड़ियों के लिये अलग से बनाया जा रहा गलियारा (डीएफसी) रेलवे की बड़ी ढांचागत परियोजनाओं में से एक है। इस पर कुल 81,459 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है।
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डीएफसी के तहत मुंबई में जवाहर लाल नेहरू बंदरगाह से उत्तर प्रदेश में दादरी तक 1,504 किलोमीटर और पंजाब में लुधियाना से पश्चिम बंगाल में दानकुनी तक 1,856 किलोमटर लंबा पूर्वी गलियारा है।
डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक आर एन सिंह ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2020-21 में डीएफसी मार्ग का 40 प्रतिशत हिस्सा पूरा होना है। दिसंबर 2021 तक कानपुर, खुर्जा, दादरी, रेवाड़ी, अजमेर, पालनपुर से गुजरात के बंदरगाह तक मार्ग तैयार हो जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इससे क्षेत्र में औद्योगिक परिदृश्य मजबूत होगा। ज्यादातर खंड मार्च 2020 तक चालू हो जाएंगे जबकि शेष पूरा पूर्वी और पश्चिम गलियारा जून 2022 तक चालू होगा।’’
अधिकारियों के अनुसार डीएफसी के अंतर्गत दादरी से रेवाड़ी का मार्ग तैयार होने से रेलवे की रो-रो सेवा (रोल-ऑन रोल-ऑफ) शुरू हो सकती है। इससे दिल्ली औरआसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण में कमी आएगी।
रेलवे की रो-रो सेवा एक डिलिवरी मॉडल है। इसमें सामान से लदे ट्रकों को मालगाड़ियों के जरिये गंतव्य तक पहुंचाया जाता है। इससे सड़कों पर भीड़ कम होती है।
बयान के अनुसार रेलवे तीन और गलियारे पर काम कर रही है। इनके लिये सर्वे का काम 2021 तक पूरा हो जाएगा।
ये डीएफसी हैं- पूर्वी तट गलियारा, पूर्वी-पश्चिम गलियारा और उत्तर-दक्षिा उप-गलियारा।
इन गलियारों को 2030 तक पूरा किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
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