चंडीगढ़, सात सितम्बर पंजाब में पिछले लगभग एक महीने में कोविड-19 से मरने वाले लोगों की संख्या में चार गुना वृद्धि है। राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने मौत के बढ़ते मामलों के लिए लोगों द्वारा जांच या इलाज की सूचना देने में देरी को मुख्य कारण बताया है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इसी तरह गत एक अगस्त से कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 48,000 तक बढ़ गई।
चिकित्सा बुलेटिन के आंकड़े के अनुसार राज्य में इस महामारी से गत एक अगस्त को मृत्युदर 2.37 प्रतिशत थी जो सात सितम्बर को बढ़कर 2.93 प्रतिशत हो गई।
इसके अनुसार कोविड-19 से मौत की संख्या एक अगस्त को 405 थी जो सोमवार को बढ़कर 1,923 हो गई।
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राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 से मौत के मामलों में 75 प्रतिशत ऐसे लोगों की मौत हुई है जिनकी उम्र 50 साल से अधिक थी।
राज्य में दो सितम्बर को एक दिन में ही इस महामारी से 106 लोगों की मौत हुई थी।
पंजाब में पिछले एक महीने से कोरोना वायरस के मामले भी बढ़े है।
बुलेटिन के अनुसार गत एक अगस्त तक राज्य में कोरोना वायरस के 17,063 मामले थे जो अब बढ़कर 65,583 हो गये है।
इसके अनुसार एक अगस्त को 5,583 मरीजों का इलाज चल रहा था और सात सितम्बर को 16,640 मरीजों का इलाज चल रहा है।
इस महामारी से लुधियाना, जालंधर, पटियाला, अमृतसर और पटियाला सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं।
चिकित्सा बुलेटिन के अनुसार राज्य में कोरोना वायरस के कुल मामलों में से 57 प्रतिशत मामले इन पांच जिलों में सामने आये है।
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