चंडीगढ़, 25 जुलाई पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित द्वारा पिछले महीने आहूत विधानसभा के दो-दिवसीय विशेष सत्र को ‘‘स्पष्ट रूप से अवैध’’ करार दिए जाने के एक दिन बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विश्वास जताया कि सत्र में पारित सभी चार विधेयकों को मंजूरी मिलेगी।
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार विधेयकों को पारित कराने के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख करेगी, इस पर मान ने कहा, ‘‘सभी चारों विधेयकों को स्वीकृति मिल जाएगी, कुछ वक्त का इंतजार करिए।’’
वह यहां पंजाब विश्वविद्यालय के दौरे पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
पुरोहित ने मान को हाल में लिखे पत्र में 19-20 जून को बुलाए विधानसभा सत्र को ‘‘गैरकानूनी’’ करार दिया और यह भी कहा कि उन्हें भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही है तथा उन्होंने मुख्यमंत्री को यह याद दिलाया कि राज्यपाल, राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक संवैधानिक प्राधिकारी होता है।
मान ने मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि सत्र संविधान के लोकाचार के अनुरूप और पूरी तरह से वैध था।
पुरोहित द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे पत्र के बाद विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान पारित चार विधेयकों का भविष्य अधर में लटक गया है।
जून में आहूत दो-दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र में सिख गुरुद्वारा (संशोधन) विधेयक 2023, पंजाब विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक 2023, पंजाब पुलिस (संशोधन) विधेयक 2023 और पंजाब संबद्ध कॉलेज (सेवा की सुरक्षा) संशोधन विधेयक 2023 पारित किया गया।
सिख गुरुद्वारा (संशोधन) विधेयक का उद्देश्य अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से ‘गुरबानी’ का ‘फ्री-टू-एयर’ प्रसारण सुनिश्चित करना है। पंजाब विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक में राज्य सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालय का कुलपति राज्यपाल के बजाय मुख्यमंत्री को बनाए जाने का प्रावधान है।
पंजाब पुलिस (संशोधन) विधेयक पुलिस महानिदेशक पद पर योग्य उम्मीदवारों के चयन तथा नियुक्ति के लिए स्वतंत्र तंत्र बनाने का मार्ग प्रशस्त करता है।
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