गुवाहाटी, पांच जुलाई असम पुलिस ने भ्रष्टाचार, यौन उत्पीड़न और अन्य गंभीर आरोपों को लेकर चार जवानों को बर्खास्त कर दिया है। एक शीर्ष अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने ताजा घटना के साथ पिछले दिनों की गई बर्खास्तगी की जानकारी मंगलवार को ट्विटर पर साझा की।
उन्होंने लिखा है, ‘‘सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय ने 28 सितंबर, 2022 को एनके (यूबी) मियाचंद अली को ट्रैप मामले में गिरफ्तार किया था। विभागीय जांच के बाद उन्हें 17 अप्रैल, 2023 को बर्खास्त कर दिया गया।’’
उन्होंने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय द्वारा पिछले वर्ष की गई गिरफ्तारी का पुराना ट्वीट भी साझा किया।
डीजीपी ने एक अन्य ट्वीट में सोमवार को कहा, ‘‘भ्रष्टाचार के मामले में कांस्टेबल सरस्वती हंसु को 16 मई, 2023 को बर्खास्त कर दिया गया है। इसी मामले में उप निरीक्षक बद्री बरुआती के खिलाफ कार्रवाई पर लगी रोक हटाने के लिए उच्च न्यायालय में आवेदन किया था, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।’’
उन्होंने कछार में नियुक्ति के दौरान रिश्वत लेने के आरोपी उप निरीक्षक निपू कलिता को 27 जून को बर्खास्त करने की जानकारी भी साझा की।
सिंह ने 29 जून को आदेश जारी कर हिरासत के दौरान नाबालिग की आपत्तिजनक तस्वीर लेने और यौन उत्पीड़न के आरोप में निरीक्षक को बर्खास्त कर दिया गया है। इसका जिक्र करते हुए उन्होंने ट्विटर पर जानकारी भी दी और सभी पुलिस जवानों को कड़ा संदेश भी दिया।
ट्वीट में शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा, "जो पुलिसकर्मी कर्तव्य का निर्वहन नहीं करेगा, उन्हें इसी तरह के परिणाम भुगतने होंगे।"
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