श्रीनगर, 13 जनवरी जम्मू एवं कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शुक्रवार को समाजवादी नेता शरद यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उन्होंने धर्मनिरपेक्षता और विविधता के मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया और हमेशा कमजोरों के पक्ष में खड़े रहे।
वरिष्ठ नेता और जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव का बृहस्पतिवार को गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह गुर्दे संबंधी बीमारी से पीड़ित थे। यादव 75 वर्ष के थे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री यादव के परिवार में उनकी पत्नी, एक पुत्री और एक पुत्र हैं।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘शरद यादव के आकस्मिक निधन से दुखी हूं। वह राजनेताओं की एक ऐसी पीढ़ी से थे, जिन्होंने भारत के विचार के लिए जी-जान से लड़ाई लड़ी और धर्मनिरपेक्षता तथा विविधता के अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया। परिवार, विशेष रूप से उनकी पत्नी रेखा जी और बेटी सुभाषिनी के प्रति संवेदना।’’
नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला और उनके पिता फारूक अब्दुल्ला ने भी यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया।
उमर ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘मैं अपने पिता और अपने सहयोगियों के साथ शरदजी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। वह एक महान समाजवादी नेता थे जिनका लोगों के साथ एक मजबूत जुड़ाव था। उनकी कमी महसूस की जाएगी। उनकी आत्मा को शांति मिले।’’
डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी का गठन करने वाले कांग्रेस के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यादव की कमी सभी को खलेगी।
आजाद ने ट्वीट किया, ‘‘पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव के निधन पर मैं संवेदना व्यक्त करता हूं। वह एक कद्दावर नेता थे जो हमेशा सबसे गरीब और सबसे कमजोर लोगों के साथ खड़े रहते थे। भारत के महान समाजवादी नेताओं में से एक शरद यादव को मेरी श्रद्धांजलि। उनकी कमी हम सभी को बहुत खलेगी।’’
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