जरुरी जानकारी | निवेश आकर्षित करने के लिये मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता में अधिकार प्राप्त समूह का गठन

नयी दिल्ली, तीन जून सरकार ने निवेश आकर्षित करने के इरादे से बुधवार को मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता में सचिवों की उच्च अधिकार प्राप्त समिति गठित करने की घोषणा की। साथ ही मंत्रालयों/विभागों में परियोजना विकास प्रकोष्ठ स्थापित करने का ऐलान किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का निर्णय किया गया।

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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि निवेशकों को भारत में निवेश के लिये मदद और सुविधा उपलब्ध कराने के इरादे से सचिवों की अधिकार प्राप्त समिति (ईजीओएस) के गठन को मंजूरी दी गयी है।

समिति को दी गयी जिम्मेदारी में तालमेल लाना और विभिन्न विभागों और मंत्रालयों से समय पर मंजूरी, भारत में निवेश आकर्षित करना और वैश्विक निवेशकों को सहायता एवं सुविधा उपलब्ध कराना, लक्षित तरीके से बड़े निवेशकों के निवेश को आसान बनाना और निवेश परिवेश में नीतिगत स्थिरता को आगे बढ़ाना शामिल हैं।

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समिति विभागों की उनकी परियोजना सृजन के आधार पर रखे गये निवेश और उसमें आये वास्तविक निवेश का आकलन भी करेगी।

बयान के अनुसार इन विभागों को अधिकार प्राप्त समूह विभिन्न चरणों में पूरा करने के लक्ष्य देगा।

समूह मे नीति आयोग के सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) और डीपीआईआईटी, वाणिज्य विभाग, राजस्व विभाग, आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव तथा संबंधित विभागों के प्रमुख हैं। मंत्रिमंडल सचिव इसके चेयरमैन और डीपीआईआईटी (उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग) सचिव सदस्य संयोजक हैं।

इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय के साथ निवेश योग्य परियोजनाओं के विकास के लिये परियोजना विकास प्रकोष्ठ (पीडीसी) के गठन को भी मंजूरी दी गयी।

सचिव के मार्गदर्शन के तहत संबंधित मंत्रालय में के कम-से-कम अवर सचिव रैंक के अधिकारी पीडीसी के प्रभारी होंगे। प्रकोष्ठ को निवेश वाली परियोजनाओं के बारे में संकल्पना तैयार करना, रणनीति बनाना, उसका क्रियान्वयन और ब्योरे का प्रचार-प्रसार करने की जिम्मेदारी होगी।

बयान के अनसार, ‘‘ इस निर्णय से निवेश प्रवाह को सुगम बनाकर भारत निवेश अनुकूल गंतव्य बनेगा और आत्मनिर्भर मिशन को गति मिलेगी...इससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।’’

इसमें कहा गया है कि सरकार निवेश अनुकूल परिवेश को लेकर प्रतिबद्ध है जो घरेलू निवेशकों के साथ-साथ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का पुरजोर समर्थन करेगा।

देश में 2019-20 में एफडीआई 13 प्रतिशत बढ़कर 49.97 अरब डॉलर रहा।

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