देश की खबरें | वन विभाग एफआरए प्रावधानों के तहत सड़कों के नियमितीकरण के लिए समीक्षा याचिका दायर करेगा: सुक्खू

शिमला, 22 अप्रैल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश वन विभाग, वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) 1980 का उल्लंघन कर निर्मित सड़कों के नियमितीकरण के अनुरोध को लेकर 10 मई से पहले अदालत में समीक्षा याचिका दायर करेगा।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने वन विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता के दौरान व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए ऐसी सड़कों के नियमितीकरण के लिए कानूनी सहायता लेने की आवश्यकता पर बल दिया तथा इस संबंध में विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

एक बयान के मुताबिक, राज्य भर में ऐसी 2183 सड़कें हैं, जिनमें शिमला जोन में 613, मंडी जोन में 821, हमीरपुर जोन में 254 तथा कांगड़ा जोन में 495 सड़कें शामिल हैं।

बयान में बताया गया कि ये सड़कें राज्य में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) 2006 के अन्तर्गत निर्मित की गई है जिसे हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2016 में लागू किया गया था। इस अधिनियम का उद्देश्य ऐसे समुदायों को वन अधिकार प्रदान करना है, जो कम से कम तीन पीढ़ियों से वन भूमि पर निवास कर रहे हैं तथा उस पर निर्भर हैं।

इस बीच, राज्य की पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को यहां मुख्यमंत्री सुक्खू से मुलाकात की।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में पंचायती राज संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के उत्थान को प्राथमिकता दे रही है और इस संबंध में कई कदम उठाए गए हैं।

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